Advertisement

असम के नेशनल पार्क से राजीव गांधी का नाम हटाने पर कांग्रेस खफा, दे रही गजब तर्क

गुवाहाटी। पहले खेल रत्न और अब असम का ओरांग नेशनल पार्क। इन दोनों से पूर्व पीएम राजीव गांधी का नाम हटाने के मसले पर कांग्रेस का पारा गरम हो गया है। कांग्रेस गजब तर्कों के सहारे साबित करने में जुटी है कि ऐसा करना सही नहीं है। दरअसल, असम की हिमंत बिस्व सरमा सरकार ने शुक्रवार को ओरांग नेशनल पार्क का पुराना नाम बहाल कर दिया। इससे पहले गुरुवार तक इस पार्क के नाम से राजीव गांधी का नाम जुड़ा था। कांग्रेस के सांसद रिपुन बोरा ने असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा को चिट्ठी लिखकर कहा कि नेशनल पार्क से राजीव गांधी का नाम न हटाया जाए। रिपुन ने लिखा कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इस तरह नाम हटाने की पंरपरा ठीक नहीं है।

रिपुन की इस चिट्ठी पर हिमंत बिस्व सरमा ने पलटवार करते हुए जवाब दिया। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि पहले मैं मसला साफ कर दूं। ओरांग नेशनल पार्क का नया नामकरण नहीं हुआ है। असम में किसी भी नेशनल पार्क से किसी व्यक्ति का नाम नहीं जुड़ा है। हिमंत ने आगे लिखा कि साल 2005 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने नियमों को धता बताते हुए ओरांग नेशनल पार्क के साथ पूर्व पीएम राजीव गांधी का नाम जोड़ दिया था। उन्होंने लिखा है कि स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए नेशनल पार्क को पहले का नाम फिर दिया गया  है।

राजीव गांधी के नाम के मसले पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी संग्राम इस साल अगस्त से छिड़ना शुरू हुआ। पीएम मोदी ने जब राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न करने का फैसला किया, तो कांग्रेस के नेता विरोध पर उतारू हो गए। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महा अघाड़ी सरकार की ओर से सरकारी योजना में राजीव गांधी का नाम जोड़ने की कवायद देखी गई। महाराष्ट्र सरकार ने राजीव गांधी के नाम पर इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर में बेहतरीन काम करने वाले इंस्टिट्यूट को अवॉर्ड देने का एलान कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *