नई दिल्ली। वैसे तो आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव लड़ेंगी, लेकिन इस चुनाव में कांग्रेस की दिशा व दशा पर बात करना इसलिए जरूरी है कि क्योंकि बीते कुछ दिनों से जिस तरह लखीमपुर हिंसा के जरिए अपनी बंजर हो चुकी राजनीतिक भूमि को हरी-भरी करने के लिए प्रियंका गांधी ने जिस तरह बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था, उसका आने वाले चुनाव में पार्टी को कितना फायदा मिलता है। हालांकि ये और बात है कि बीते दिनों विपक्षी दलों में लखीमुपर हिंसा की श्रेय लेने की होड़ मच गई थी। संभवत आपको याद हो कि जब मीडिया ने अखिलेश यादव से लखीमपुर हिंसा के संदर्भ में कांग्रेस का जिक्र कर कहा था कि प्रियंका गांधी का कहना है कि सपा ऐसे मुद्दों को जनहित में नहीं उठा रही है, तो अखिलेश ने चुटकी लेते हुए कहा था कि वे कमरे से बंद रहतीं हैं। कमरे से बाहर निकलती नहीं है, तो ऐसे में भला उन्हें जमीनी मुद्दों के बारे में कैसे ज्ञान हो पाएगा। सबसे पहले सपा ने ही लखीमपुर हिंसा को उठाया था। इससे तो आप इतना ही समझ गए होंगे कि जनसरोकार व जनहित को परे रखकर अब विपक्षी दलों के बीच श्रेय पाने की होड़ मच गई है और ऐसे में अगर कांग्रेस इस उत्तर प्रदेश चुनवा में सत्ता में वापसी करने का ख्वाब देखती है, तो यह कितना मुनासिब रहता है।
यह तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इससे पहले ही आज एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रियंका ने प्रदेश की 40 प्रतिशत महिलाओं को चुनाव में उतारने का ऐलान किया है। खैर, अगर राजनीति चश्मों को परे रखकर अगर उनके इस फैसले का अवलोकन किया जाए तो यह कहना गलत नहीं होगा कि आजाद हिंदुस्तान की राजनीति में महिलाओं के हित को ध्यान में रखते हुए किसी भी दल ने ऐसा फैसला नहीं लिया था।
लिहाजा, कांग्रेस ऐसी पहली पार्टी बन चुकी जिसने इतनी भारी संख्या में महिलाओं को राजनीति में जाने का मौका देने जा रही है और उन्होंने यह कह कर नहेले पर दहेला मार दिया है कि अगर मेरा बस चलता है, तो मैं 50 प्रतिशत महिलाओं को प्रदेश की राजनीति में आने का मौका देती है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तो फिलहाल मैं उत्तर प्रदेश की प्रभारी हूं, तो यह फैसला अभी प्रदेश स्तर पर ही लिया गया है, लेकिन आगामी दिनों में यह फैसला केंद्रीय स्तर पर भी लिया जाएगा।
इस बीच वे केंद्र सरकार पर भी निशाना साधने से नहीं चूकी। उन्होंने केंद्र सरकार का जिक्र कर कहा कि सिर्फ मुफ्त में महिलाओं को गैस सिलेंडर देने या उनके हित में कोई महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ पहुंचाकर ही महिलाओं की उन्नती नहीं होगी। ऐसा करके हम महिलाओं की उन्नति को सीमित कर देंगे। प्रियंका ने कहा कि अगर हम चाहते हैं कि महिलाओं को सर्वांगीण विकास हो। इसके लिए हमें उनके लिए राजनीति के द्वारा खोलने होंगे इसलिए हमने अब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए 40 प्रतिशत महिलाओं को टिकट देने का ऐलान किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए महिलाएं आगामी 15 नवंबर तक आवेदन कर सकतीं हैं। महिलाओं को उनकी योग्यता के मुताबिक राजनीति में उतारा जाएगा। उन्हें राजनीति में सारे पद उनकी योग्यता को ध्यान में रखते हुए दिए जाएंगे। प्रदेश के विकास के लिए यह जरूरी है कि राजनीति में महिलाएं बढ़चढ़ कर हिस्सा लें।














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