नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ सकती है। भवानीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा ने ममता बनर्जी के खिलाफ वकील प्रियंका टिबरेवाल को मैदान में उतारा है। बता दें कि प्रियंका टिबरेवाल बंगाल में चुनाव बाद हिंसा के मामलों की वकील हैं।
वहीं हाल ही में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपना नामांकन दाखिल किया। लेकिन ममता के नामांकन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। जिसके बाद वह विवादों में फस गई हैं। दरअसल बंगाल भाजपा ने ममता बनर्जी पर बड़ा आरोप लगाते हुए नामांकन पर आपत्ति जताई है। भाजपा की ओर से कहा गया है कि टीएमसी सुप्रीमो ने अपने खिलाफ लंबित मामलों का खुलासा नहीं किया है।
प्रियंका टिबरेवाल के मुख्य चुनावी एजेंट और भाजपा नेता सजल घोष ने मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखकर ममता पर बड़ा आरोप लगाया है कि उन्होंने नामांकन पत्र में आपराधिक मामलों से संबंधित जानकारी छुपाई है। उन्होंने कहा कि ऐसे 5 मामले हैं जिनका ममता बनर्जी ने नामांकन पत्र में उल्लेख नहीं किया है। इनमें से 5 केस 2018 में असम में दर्ज किए गए थे।
उन्होंने चुनाव आयोग के लिखी चिट्ठी में लिखा, ”मैंने चुनाव आयोग से (उनका नामांकन पत्र की जांच) अपील की है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार इस पर कार्रवाई की मांग की है।”
गौरतलब है कि भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को करीबी मुकाबले में हरा दिया था। बता दें कि नंदीग्राम सीट से भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 1,956 वोटों से हराया था। ऐसे में अब ममता के लिए मुख्यमंत्री बने रहने के लिए ये चुनाव जीतना जरूरी है।

















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