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ओमिक्रॉन के खतरे के बीच EC की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बताया- UP चुनाव को लेकर सभी दलों ने की है ये बड़ी मांग

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत 5 राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। वहीं चुनाव से पहले कोरोनावायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के लगातार बढ़ते मामलों ने देश के लिए चिंता बढ़ा दी है। देशभर में अबतक ओमिक्रॉन के 1000 के करीब मामले सामने आ चुके है। ऐसे में ओमिक्रॉन के खतरे के बीच आज चुनाव आयोग ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें चुनाव आयोग ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ी जानकारी साझा की।

लखनऊ में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया कि सभी राजनीतिक दलों ने उनसे समय पर चुनाव कराने की मांग की है। इसका मतलब साफ हो जाता है कि ओमिक्रॉन की वजह से चुनाव को टाला नहीं जाएगा। आपको बता दें कि अगले साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर शामिल है।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि, इसके अलावा उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, सभी दलों की तरफ से मांग की गई है कि रैलियों की संख्या और रैलियों में संख्या सीमित हो।  दिव्यांग और 80 साल से ज्यादा बुजुर्ग मतदाताओं को घर से ही मतदान करने की सुविधा मिले।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया कि, हमने राजनीतिक पार्टियों के साथ बैठक की थी। राजनीतिक दलों की मांग है कि समय पर चुनाव कराया जाए। रैलियों में नफरती भाषण व रैलियों में हो रही भीड़ पर भी कुछ दलों ने चिंता जताई है। पोलिंग बूथ पर पर्याप्त संख्या में महिला बूथकर्मी की भी मांग की गई है।

उन्होंने कहा कि, राज्य में अब तक मतदाताओं की कुल संख्या 15 करोड़ से अधिक है। अंतिम प्रकाशन के बाद मतदाता के वास्तविक आंकड़े आएंगे। अंतिम प्रकाशन के बाद भी अगर किसी का नाम ना आए तो वो क्लेम कर सकते हैं।

सुशील चंद्रा ने कहा कि, SSR 2022 के अनुसार अबतक 52.8 लाख नए मतदाताों को सम्मिलित किया गया है। इसमें 23.92 लाख पुरूष और 28.86 लाख महिला मतदाता हैं। 18-19 आयु वर्ग के 19.89 लाख मतदाता हैं।

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