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कविता और पाकिस्तानी गीत चोरी के आरोपों पर आई मनोज मुंतशिर की सफाई, दिया ये जवाब

नई दिल्ली। कवि और गीतकार मनोज मुंतशिर अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं। इन दिनों वो अपनी कविता को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। जिसके कारण उन्हें काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि उन्होंने रॉबर्ट जे लेवरी की कविता ‘कॉल मी’ का हिंदी अनुवाद करके अपने नाम से छपवा लिया। वहीं, कुछ यूजर्स केसरी फिल्म में उनके गाने ‘तेरी मिट्टी’ पर भी सवाल उठा रहे हैं इन सभी आरोपों पर मनोज ने जवाब दिया है। उनका कहना है कि लोग उनके साथ ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने मुगलों के खिलाफ एक वीडियो बनाया था।

चोरी के आरोपों पर मनोज मुंतशिर ने दी सफाई

दरअसल, मनोज मुंतशिर को इस समय सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जा रहा है। उन पर एक अंग्रेजी की कविता कॉपी करने का आरोप है। ऐसे में लोग उनकी दूसरी रचनाओं पर भी शक करने लगे हैं। फिल्म केसरी में एक गाना था-  ‘तेरी मिट्टी’ , जिसे काफी पसंद किया गया था। लेकिन उस पर भी लोग अब आरोप लगा रहे हैं। गाने को लेकर कहा जा रहा है कि ये एक पाकिस्तान का देशभक्ति गीत है, जो साल 2005 में आया था।

इस बीच मनोज मुंतशिर ने मीडिया से बातचीत कर अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने कहा- ‘जो लोग ये आरोप लगा रहे हैं पहले वीडियो देख लें। इस वीडियो को केसरी रिलीज होने के कई महीने बाद अपलोड किया गया था।’

आरोप साबित हुए तो लिखना छोड़ दूंगामुंतशिर

मनोज ने कहा-‘आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि सिंगर भी पाकिस्तानी नहीं बल्कि हमारे देश की हैं। उनका नाम गीता रबारी है। आप उनसे भी पूछ सकते हैं। गीता को मैं पर्सनली जानता हूं। उन्होंने हमेशा मेरे काम की तारीफ की है। मनोज ने कहा कि अगर ये साबित हो जाए कि तेरी मिट्टी गाना किसी भी गाने की कॉपी है तो मैं हमेशा के लिए लिखना छोड़ दूंगा। मनोज का कहना है कि लोग इसलिए ये सब कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने मुगलों के खिलाफ वीडियो बनाया है।’

क्या है कविता चोरी का मामला

मनोज पर कविता चोरी करने का भी आरोप है। ये कविता साल 2007 में आई किताब लॉस्ट लव से है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने मनोज की कविता और ओरिजिनल कविता को शेयर कर उन्हें जमकर ट्रोल किया। मीडिया से बात कर मनोज ने कहा- ‘ये बात मेरी हर कविता, रचना के बारे में कही जा सकती है। मेरी कोई भी रचना शत-प्रतिशत मौलिक नहीं है क्योंकि भारतवर्ष में सिर्फ दो मौलिक रचनाएं हैं, रामायण और महाभारत।’

 

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