नई दिल्ली। रेप के एक मामले में आरोपी रहे तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली है। बता दें कि गोवा की सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को कथित यौन उत्पीड़न मामले में तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। इससे पहले तरुण तेजपाल के खिलाफ दायर दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने अपना फैसला 21 मई तक के लिए टाल दिया था। इस केस में तेजपाल पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (दुष्कर्म) के अलावा अन्य कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। वहीं इस पूरे मामले की बात करें तो यह मामला 2013 का है। गौरतलब है कि तरुण तेजपाल पर 29 सितंबर 2017 को कोर्ट ने आईपीसी की कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें दुष्कर्म, शारीरिक यौन शोषण और गलत बंदी शामिल था।
क्या था मामला
गौरतलब है कि, साल 2013 में तेजपाल पर उत्तरी गोवा के एक पांच सितारा रिसॉर्ट में एक सहकर्मी के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने का आरोप लगाया गया था। बाद में उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 341, 342 354ए और 354बी के तहत आरोप तय किए गए। वहीं अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करने के लिए तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अगस्त में, सुप्रीम कोर्ट ने आरोपों को खारिज करने से इनकार कर दिया और मामले को छह महीने के भीतर निपटाने का निर्देश दिया। फिलहाल इस केस 2013 में शिकायत दर्ज की गई थी और तेजपाल 2014 से ही जमानत पर चल रहे हैं।
क्या था आरोप
तरुण तेजपाल पर उनकी ही साथी महिला पत्रकार ने आरोप लगाया था कि गोवा में तहलका का एक इवेंट हुआ था, उसमें उस रात जब वह एक गेस्ट को उसके कमरे तक छोड़ कर वापस लौट रही थी, तो इसी होटल के ब्लॉक 7 के एक लिफ्ट के सामने उसे उसके बॉस तरुण तेजपाल दिखाई दिए। तेजपाल ने गेस्ट को दोबारा जगाने की बात कह अचानक उसे वापस उसी लिफ्ट के अंदर खींच लिया। इस मामले में लड़की ने गोवा पुलिस को जो बयान दिया, उसके मुताबिक, लड़की कुछ समझ पाती इसी बीच तेजपाल ने लिफ्ट के बटन को ऐसे दबाना शुरू किया, जिससे उनका इरादा साफ हो रहा था। वो चाहते थे कि ना तो लिफ्ट कहीं रुके और ना ही दरवाजा खुले। तब तेजपाल ने इसी बंद लिफ्ट में जो कुछ किया, जब उसके राज खुले तो तरुण तेजपाल की जिंदगी में ही तहलका मच गया।













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