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तालिबान के सरकार गठन कार्यक्रम में शामिल होंगे ये देश, लिस्ट देख अमेरिका को लग सकती है मिर्ची

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में कब्जे के बाद से तालिबान अपनी सरकार बनाने की जुगत में लगा हुआ है। बीते कुछ समय से तालिबान के सरकार गठन में देरी हो रही है लेकिन अब तैयारियां लगभग पूरी हो गई है। इसी क्रम में तालिबान की ओर से सरकार गठन के दौरान होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने वाले देशों को न्यौता भेजा है। तालिबान ने जिन देशों को न्योता भेजा गया है उनमें शामिल ज्यादातर देशों के अमेरिका के साथ रिश्ते ठीक नहीं हैं। तालिबान ने जिन 6 देशों को सरकार गठन के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए न्यौता भेजा है उनमें तुर्की, चीन, रूस, ईरान, पाकिस्तान और कतर शामिल है। ये सभी देश लगातार तालिबान के समर्थन में रहें हैं ऐसे में जब अफगानिस्तान में सरकार बनने की तैयारियां पूरी हो गई है तो इन्हें न्योता भेजा दिया गया है।

अमेरिका से खराब रिश्ते

इस देशों जिन्हें तालिबान ने सरकार गठन कार्यक्रम के लिए न्यौता भेजा है उनमें से एक कतर को छोड़ दें तो बाकी सभी देशों के अमेरिका के साथ रिश्ते खराब हैं। तालिबान के खुद अमेरिका से रिश्ते ठीक नहीं हैं। अफगानिस्तान से अमेरिका के वापस लौटने को तालिबान ने अपनी जीत बताया था। वहीं चीन-रूस के साथ भी अमेरिका की कोल्ड वॉर जारी है। बात अगर पाकिस्तान और ईरान की करें तो अमेरिका की ओर से इनपर कई तरह के प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। तुर्की के साथ भी ट्रंप प्रशासन के दौरान हालात आर-पार के स्तर पर पहुंच गए थे।

‘दुनिया से अच्छे संबंध चाहता है तालिबान’

सोमवार कोतालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वो (तालिबान) दुनिया के साथ अच्छे संबंध बनाना चाहता है। तालिबान के लिए चीन अहम देश में से एक है, वह दुनिया की आर्थिक शक्ति है। इसके साथ ही मुजाहिद ने चीन को अफगानिस्तान के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि अफगानिस्तान और खुद को आगे बढ़ाने के लिए उसे चीन का साथ चाहिए।

 

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