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तीन साल बाद बनकर तैयार हुआ आश्रम अंडरपास, पहले दिन ही लगी वाहनों की लंबी कतार

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में आश्रम अंडरपास खोल दिया गया। करीब तीन साल बाद दक्षिण दिल्ली के व्यस्त आश्रम चौराहे पर बहुप्रतीक्षित अंडरपास का ट्रायल मंगलवार से शुरू कर दिया गया। हालांकि, अभी सिर्फ बदरपुर से भोगल जाने वाला कैरिज-वे खोला गया है। साफ-सफाई और मलबा नहीं हटने की वजह से दूसरे कैरिज-वे को फिलहाल यातायात के लिए नहीं खोला गया है। गौरतलब है कि, लंबे इंतजार के बावजूद अंडरपास को आधा-अधूरा शुरू किया गया। इसके चलते पहले दिन यहां लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। बता दें कि, अंडरपास बनाने में करीब 49 करोड़ की लागत आई है।

अंडरपास को खोलने के बाद करीब दो घंटे के लिए फिर से बंद कर दिया गया था। इस दौरान सड़क पर लेन स्ट्रिप बनाई जा रही थी। पेंट सूखने के लिए यातायात को रोका गया था। इस अंडरपास के खुल जाने पर बदरपुर  से भोगल और भोगल से बदरपुर आने जाने वालों को काफी राहत मिलेगी। आश्रम चौक, मथुरा रोड और रिंग रोड (लाजपत नगर-सराय काले खा एवं डीएनडी फ्लाईओवर) को आपस में कनेक्ट करता है।

2019 में रखी गई थी नींव

बता दें कि, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 24 दिसंबर, 2019 को आश्रम अंडरपास की आधारशिला रखी थी। इसे एक साल में पूरा किया जाना था। इसकी डेडलाइन पहले मार्च 2021 थी लेकिन अब इसे मार्च 22 में पूरा किया जा सका है। इस अंडरपास को बनाने में तीन साल तक का लंबा वक्त लग गया। अंडरपास का उद्घाटन करने आए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि लॉकडाउन और प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगी पाबंदी की वजह से देरी हुई। बता दें कि आश्रम चौक मध्य और दक्षिणी दिल्ली और फरीदाबाद के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह चौराहा मथुरा रोड और रिंग रोड (लाजपत नगर-सराय काले खां और डीएनडी फ्लाईओवर) को जोड़ता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक,बिजी यातायात समय के दौरान हर दिन लगभग 2.5 लाख से 3 लाख वाहन आश्रम चौराहे को पार करते हैं। अब वाहन चालकों को जाम की ससमस्या से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।

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