नई दिल्ली। 15 दिन पहले कांग्रेस पार्टी के अपने वरिष्ठ नेताओं के सुर में सुर मिलाकर चिल्ला रहे शशि थरूर का 15 दिन पुराना बयान उनके लिए गले की फांस बन गया है। अपने उसी बयान की वजह थरूर एक बार फिर से सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं। दरअसल 16 मई को किए अपने ट्वीट में उन्होंने ही मोदी सरकार पर वैक्सीन के दूसरे देशों को देने को लेकर हमला बोला था। उस वक्त कांग्रेस ने दिल्ली में जगह-जगह पोस्टर लगाए थे जिनमें लिखा था कि ‘मोदीजी हमारे बच्चों की वैक्सीन को विदेश क्यों भेज दिया।’ इन पोस्टर्स पर काफी बवाल हुआ था।
16 मई को किए अपने ट्वीट में शशि थरूर ने कहा था, ‘कोविड मरीजों की मदद करने की जगह भारत सरकार की दिल्ली पुलिस ने इन पोस्टरों को लगाने के लिए 17 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस ने पोस्टर लगाने के लिए मजदूरों, पेन्टर और ऑटो ड्राइवरों को गिरफ्तार किया है। उनके सपोर्ट में मैं भी यह पोस्टर शेयर कर रहा हूं।’
इसके अलावा उन्होंने अपने एक बयान में कहा था, ‘इस वक्त सबसे जरूरी है कि पूरी दुनिया की फिक्र करने की जगह भारत के सभी लोगों को पूरी तरह वैक्सीनेट किया जाए। हम भारत सरकार से अपील करते हैं कि जब देश के सभी लोगों को वैक्सीन की पूरी डोज लग जाएं तभी वैक्सीन के निर्यात से पाबंदियों को हटाना चाहिए।’ अब वही शशि थरूर सरकार को कह रहे हैं कि वह दुनिया के अन्य देशों को कोरोना वैक्सीन क्यों नहीं दे रहे हैं।
हुआ ये कि वैक्सीन के निर्यात बैन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत सरकार को घेरा है। WHO की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि मोदी सरकार के इस फैसले से दुनिया के 91 देशों पर बुरा असर पड़ा है। सौम्या के इसी बयान को लेकर शशि थरूर ने मोदी सरकार को घेरा है और कहा कि उनकी सरकार को अपना सिर शर्म से झुका लिया। हालांकि थरूर के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द उनका महज 15 दिन पुराना एक ट्वीट बन गया है। लोग ट्विटर पर उन्हें उनके इस दोहरे रवैये के लिए बुरी तरह ट्रोल कर रहे हैं।
दूसरे जरूरतमंद देशों को वैक्सीन देने के जिस फैसले के खिलाफ शशि थरूर 15 दिन पहले तक मोर्चा खोले थे, आज जब केंद्र सरकार ने वैक्सीन के निर्यात पर बैन लगा दिया तो वह उस फैसले के खिलाफ भी खड़े हो गए हैं। शशि थरूर के इस दोहरे रवैये को लेकर लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं और सलाह दे रहे हैं कि कम से कम अपना पहले वाला ट्वीट तो डिलीट कर लेते।







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