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प्रियंका गांधी के चेहरे के बाद भी यूपी में हारने पर कांग्रेस में हड़कंप, कई की गर्दन नपने के आसार

लखनऊ/नई दिल्ली। यूपी में कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के चेहरे को आगे रखकर ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा दिया था। कांग्रेस को उम्मीद थी कि प्रियंका के चेहरे को आगे रखकर और उनके इंदिरा गांधी स्टाइल के जरिए वो यूपी में अच्छा प्रदर्शन कर लेगी। कांग्रेस का ये सपना चुनाव में चकनाचूर हो गया। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने 7 सीटें जीती थीं। इस बार ये संख्या घटकर 2 पर आ गई। कांग्रेस की कितनी दुर्गति हुई, इसे इस तरह समझा जा सकता है कि उसके प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू तक अपनी सीट नहीं बचा सके। इससे पार्टी के नेताओं में हड़कंप है। बैठकों का दौर चल रहा है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में कई नेताओं की गर्दन नप सकती है।

कांग्रेस का यूपी में अब तक का ये सबसे खराब प्रदर्शन रहा है। दो विधायक उसके जीते हैं। जबकि, 4 प्रत्याशी नंबर 2 पर पहुंचे। 387 उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो गई। बता दें कि कांग्रेस ने नया प्रयोग करते हुए 40 फीसदी टिकट महिलाओं को दिए थे। इनमें से सिर्फ एक आराधना मिश्रा मोना ही चुनाव जीती हैं। इन सारे आंकड़ों की वजह से परेशान कांग्रेस के नेता बैठक पर बैठक कर रहे हैं। सोमवार को यूपी कांग्रेस के माल एवेन्यू स्थित दफ्तर में बड़े नेता जुटे। इनमें प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम, प्रदीप नरवाल, राजेश तिवारी, बाजीराव खाड़े और सत्यनारायण पटेल थे। इन सभी ने प्रत्याशियों और पदाधिकारियों से हार की वजह जाननी चाही।

सूत्रों के मुताबिक प्रत्याशियों में से ज्यादातर ने कहा कि संगठन का साथ नहीं मिला और जिस सीट से वो लड़े, वहां के स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने भी मदद नहीं की। इसके अलावा सपा और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर होने से भी अपनी हार की बात कई उम्मीदवारों ने कही। अब आज भी दिल्ली में यूपी के मसले पर अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता प्रियंका गांधी करेंगी। बैठक में राष्ट्रीय सचिवों, प्रदेश अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को बुलाया गया है। ये बैठक कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद हो रही है और बैठक के नतीजों को पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी के सामने रखा जाएगा।

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