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यूक्रेन जंग रोकने को जेलिंस्की से मिल सकते हैं पुतिन, लेकिन अमेरिका ने जताई ये आशंका

इस्तांबुल/वॉशिंगटन। यूक्रेन पर रूस के हमले का आज 35वां दिन है और अब दोनों देशों के बीच शांति स्थापित होने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन ने कहा है कि उसे आने वाले दिनों में रूस के हमले बढ़ने की आशंका है। पहले बात करते हैं रूस और यूक्रेन के बीच तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में जारी शांति वार्ता की। इस्तांबुल में मंगलवार को दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच जंग रोकने पर चर्चा हुई। इसके बाद कुछ सूत्रों ने मीडिया को बताया कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलिंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच भी सीधी बातचीत होने की उम्मीद बनी है।

यूक्रेन पर जारी रूसी हमले की बात करें, तो रूस ने राजधानी कीव और चेर्निहीव के आसपास सेना कम करने और हमले रोकने की बात मंगलवार को कही थी। रूसी हमले से यूक्रेन के कई शहर नष्ट हो चुके हैं। इनमें दूसरा सबसे बड़ा शहर मारियुपोल भी है। मारियुपोल के 60 फीसदी लोग युद्ध के बाद से दूसरे पड़ोसी देशों में पलायन कर चुके हैं। शहर में खाने-पीने के सामान की भी कमी हो गई है। उधर, यूक्रेन के मायकोलीव शहर पर रूस ने मिसाइल दागे। इससे 12 लोगों की जान गई। मिसाइल लगने से एक इमारत गिर गई। इस घटना में 35 अन्य घायल हो गए।

उधर, पेंटागन ने कहा है कि कीव और चेर्निहीव से सेना कम करने के रूस के बयान पर उसे शक है। पेंटागन का कहना है कि रूस मूर्ख बना रहा है और सेना घटाने की बात कहकर नए सिरे से हमला करने की तैयारी में है। पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने कहा कि रूस अब यूक्रेन के अन्य इलाकों पर ध्यान देगा और वहां के अलावा कीव पर भी हमले जारी रख सकता है। किर्बी ने कहा कि ये सेना की वास्तविक वापसी न होकर रूस का रणनीतिक बदलाव है। अब यूक्रेन को अपने दूसरे इलाकों पर बड़े हमलों के लिए तैयार रहना चाहिए। कीव पर खतरा अभी मंडरा रहा है।

 

 

 

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