नई दिल्ली। बीते दिनों अफगानिस्तान के साथ जो कुछ भी हुआ है, उससे दुनिया के सभी देशों को एक बड़ी सीख मिली है कि खुद को सुरक्षा मोर्चों पर संबल करना बेहद जरूरी है, अगर हमारी सुरक्षा-व्यवस्था लचर रहेगी तो दुश्मन देश अपने नापाक मंसूबों को धरातल पर उतारने में सहज कामयाब हो जाएंगे, लिहाजा उनके नापाक मंसूबे कभी कामयाब न हो। इस दिशा में भारत की कोशिश जारी रहती है। हालांकि, सुरक्षा मोर्चों पर भारत अब पहले की तुलना में काफी बेहतर है। अब उसके पास पहले से बेहतर हथियार हैं, जो दुश्मनों को धूल चटाने के लिए काफी है, लेकिन अभी हमें हमारी वर्तमान सुरक्षा स्थिति से संतुष्ट न होते हुए इसे और बेहतर बनाने की जरूरत है।
इसी कड़ी में भारत सरकार ने अब एक बड़ी पहल की है। कल तक सार्वजनिक कंपनियां ही सैन्य संबंधित हथियार बनाया करती थी, लेकिन अब इसमे आपको निजी कंपनियों का भी हस्तक्षेप दिखेगा। अब इन हथियारों को बनाने में निजी कंपनियों का भी योगदान रहेगा। बता दें कि वर्तमान में अधिकांश हथियार हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के द्वारा ही बनाए जाते हैं। वर्तमान में सुरक्षाकर्मियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अधिकांश हथियार उक्त कंपनियों के द्वारा ही बनाए गए हैं, लेकिन अब इन हथियारों को निजी कंपनियां भी बनाएंगी। इस कड़ी में सुरक्षा क्षेत्र की सबसे बड़ी डील रतन टाटा की कंपनी को मिला है।
जानिए क्या है ये डील
रतन टाटा की कंपनी को यह रक्षा मंत्रालय ने 56 ‘सी-295’ ट्रांसपोर्ट विमानों (C 295 transport aircraft) की खरीद के लिए स्पेन की एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ करीब 22,000 करोड़ रुपये के अनुबंध पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए। एयरक्राफ्ट और एयरबेस मिलकर भारत में हथियार बनाएंगे। ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि जब रक्षा मंत्रालय ने ये डील किसी निजी कंपनी को दी है, अन्यथा इससे पहले सुरक्षा क्षेत्र के सारे डील सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की झोली में ही जाया करते थे। बताया जा रहा है किसी निजी कंपनी को मिले इस डील से कुल 6 हजार से अधिक लोगें को रोजगार मिलेगा। इससे देश में कई सारे एविएशन बनेंगे। निजी क्षेत्र की कंपनी देश के लिए सुरक्षा से संबंधित कई सारे उपकरण तैयार करेगी।
आखिर इस डील में क्या-क्या शामिल है
डील में ये प्रवाधान किया गया है कि कुल 16 एयरबेस स्पेन से आयात किए जाएंगे। इसके लिए बैंगलुरु और हैदराबाद के आसपास जगहों की तलाश जारी है। बता दें कि वायुसेना के सुरक्षा बेड़े में शामिल सी-295 विमाम पुराने पड़ चुके हैं। एवरो 748 अब इसकी जगह लेने जा रहे हैं। सुरक्षा मामलों के मंत्रिमंडल समिति ने विगत दो हफ्ते पहले ही इसकी मंजूरी प्रदान की है।













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