नई दिल्ली। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस छोड़ नई पार्टी बनाने का एलान कर चुके हैं। कैप्टन के बाद पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया है, लेकिन इसके बावजूद रह-रहकर आपसी कलह सामने आती रहती है। इसी बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी पर हमला बोला है साथ ही उन्होंने चन्नी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
दरअसल कुछ दिन पहले हरीश चौधरी ने कैप्टन पर पंजाब के मुख्यमंत्री रहते हुए पीएम मोदी और भारतीय जनता पार्टी से मिले हुए का आरोप लगाया था। जब इस पर कैप्टन से सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस आरोपों को खारिज करते हुए हरीश चौधरी पर पंजाब सरकार पर ही सवाल खड़े कर दिए। कैप्टन ने कहा कि यदि उनकी मिलीभगत होती तो वह कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का समर्थन नहीं करते। इसके अलावा वह विधानसभा में कानून रद्द करने का प्रस्ताव पारित नहीं करवाते।
इसके आगे कैप्टन ने कहा कि वह राजस्थान में एक हत्या के मामले में आरोप लगने के कारण मंत्री पद से हटाए गए विधायक (हरीश चौधरी) को सफाई देने के लिए बाध्य नहीं हैं। साथ पंजाब सरकार की तरफ से हरीश चौधरी को बँगला दिए जाने पर भी कैप्टन ने हमला बोलते हुए कहा कि आखिर यहां उनकी रिहायश का खर्च कौन उठा रहा है? पंजाब कांग्रेस की ओर से कैप्टन की पत्नी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों शामिल होने की बाद पर नोटिस जारी किया गया था।
कैप्टन ने पत्नी के लिए जारी नोटिस को लेकर कहा, परनीत ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन नहीं किया है। फिर ऐसे नोटिस का क्या मतलब बनता है।’ कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि हरीश चौधरी खुद संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं। वह पंजाब सरकारी की कैबिनेट मीटिंग में बैठते हैं। मैंने ऐसे कई वीडियोज देखे हैं, जिसमें मीटिंग्स के दौरान वह चन्नी को आदेश देते नजर आते हैं। वह चन्नी को आदेश देते हैं और पूरे पंजाब को चला रहे हैं।













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