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राजस्थान में सत्ता पर बैठी कांग्रेस से ही जुड़े करौली हिंसा के तार, इस तरह रची थी साजिश

करौली। राजस्थान के करौली में हिंदू नववर्ष के मौके पर निकाली जा रही रैली पर हुए हमले के तार राज्य में सत्ता पर काबिज कांग्रेस से जुड़ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हमले की साजिश कांग्रेस से जुड़े निर्दलीय पार्षद मतबूल अहमद के अलावा उसके कुछ साथियों ने रची थी। सूत्रों के मुताबिक रैली पर मतलूब के घर की छत के अलावा कुछ और घरों की छत से भी पथराव किया गया था। इस मामले में अन्य आरोपियों के नाम अंशु जिमवाला, हाफिज मौलवी, मीनू कंपाउंडर और जफर चूड़ीवाला बताए जा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक हटवार मस्जिद के मौलवी पर भी साजिश में शामिल होने का शक है। सभी आरोपी फरार हैं और इनकी तलाश के लिए स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। आरोपियों के घरों की छतों से पुलिस को पत्थर, चाकू, सरिया और लाठियां भी मिली हैं। इससे साफ है कि बड़े पैमाने पर हिंसा की तैयारी पहले से ही कर ली गई थी।

करौली में हिंसा की घटना 2 अप्रैल को चैत्र नवरात्र के पहले दिन हुई थी। इस दिन हिंदुओं के नए साल का पहला दिन भी था। इस मौके पर एक बाइक रैली निकाली जा रही थी। बाइक रैली में कोई भड़काऊ नारेबाजी भी नहीं हुई थी। बाइक रैली पर कुछ छतों से जमकर पथराव किया गया था। इस घटना के बाद असामाजिक तत्वों ने इलाके की कई दुकानों, मकानों और ठेलों को आग के हवाले कर दिया था। घटना के बाद हालात को संभालने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। खास बात ये कि घटना की साजिश के तार कांग्रेस के सहयोगी पार्षद से जुड़ने के बाद अब राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं की जुबान पर ताले लग गए हैं।

इस बीच, करौली में 2 अप्रैल से जारी कर्फ्यू को 7 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है। पूरे जिले में इंटरनेट भी बंद किया गया है। सोमवार को जिला प्रशासन ने जरूरी चीजें खरीदने के लिए लोगों को सुबह 8 बजे से 10 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी थी। प्रशासन ने यहां बड़े पैमाने पर पुलिस और अन्य सुरक्षाबल तैनात किए हैं। इइस मामले में कल सीएम अशोक गहलोत ने कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी को देश के सामने आकर हर तरह की हिंसा के खिलाफ बयान देना चाहिए। अब कांग्रेस के करीबी पार्षद से हिंसा के तार जुड़ने के बाद उनकी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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