नई दिल्ली। राज्यसभा में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने सदस्यता में 100 से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली भाजपा 1988 के बाद पहली पार्टी बन गई है। गुरुवार को हुए संसद के उच्च सदन के चुनावों के हालिया दौर के बाद, भगवा पार्टी की संख्या अब 101 हो गई है। भाजपा ने यह उपलब्धि 13 में से चार सीटें जीतकर हासिल की, जिसके लिए गुरुवार को मतदान हुआ था। भाजपा की गठबंधन सहयोगी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने असम से एक राज्यसभा सीट जीती। भाजपा ने तीन पूर्वोत्तर राज्यों असम, त्रिपुरा और नागालैंड से राज्यसभा की चार सीटें जीतीं।
भाजपा ने इस क्षेत्र से उच्च सदन में अपने सदस्यों की संख्या भी बढ़ा दी है। हाल ही में हुए मतदान में भाजपा ने कांग्रेस के प्रत्याशी को हरा दिया, जबकि दूसरी सीट पर उसका प्रत्याशी निर्विरोध जीत गया। लेकिन दिलचस्प बात ये है कि कांग्रेस ने अपने एक विधायक को वोट ‘बर्बाद’ करने के आरोप में निलंबित भी कर दिया। बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने अपने एक विधायक सिद्दीकी अहमद को इसलिए निलंबित कर दिया क्योंकि उन्होंने बैलट पेपर पर ‘1’ की जगह ‘वन’ लिख दिया था। इसलिए उनका वोट कैंसल कर दिया गया। बता दें कि असम में 2 सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव में पहली सीट पर भाजपा के उम्मीदवार पवित्र माग्रेरिटा निर्विरोध जीत गए। जबकि दूसरी पर भाजपा ने सहयोगी पार्टी यूपीपीएल को समर्थन दे दिया।
हैरान करने वाली बात ये है कि असम में कांग्रेस का दबदबा हुआ करता था आज उसी राज्य में कांग्रेस की स्थिति दयनीय हो गई है। असम से कांग्रेस का कोई राज्यसभा सदस्य नहीं रह गया है। इससे भी दिलचस्प बात ये है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह खुद दो बार असम से सांसद चुनकर राज्यसभा पहुंचे। मगर राज्य में कांग्रेस पार्टी की ऐसी स्थिति हो गई है कि अब असम से पार्टी का कोई भी राज्यसभा से सांसद नहीं है। ये पार्टी के लिए एक झटका के तौर पर साबित होता नजर आ रहा है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट किया, “असम ने एनडीए के दो उम्मीदवारों को राज्यसभा में चुनकर प्रधनमंत्री पर अपना विश्वास जताया है। भाजपा की पबित्रा मार्गेरिटा 11 वोटों से जीती और यूपीपीएल के रवंगवरा नारजारी नौ वोटों से जीते। विजेताओं को मेरी बधाई।”







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