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राहुल गांधी के इस गलत कदम ने मेघालय में कांग्रेस को कहीं का नहीं रखा, 18 में से 12 विधायक टीएमसी में हो गए शामिल

शिलांग। मेघालय में कांग्रेस बर्बादी की तरफ बढ़ गई। पूर्व सीएम मुकुल संगमा समेत कांग्रेस के 18 में से 12 विधायक ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में चले गए। मेघालय कांग्रेस में हुई ये बड़ी टूट की मुख्य वजह राहुल गांधी का एक कदम बताया जा रहा है। कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी सूबे में कांग्रेस के नेताओं का गुस्सा भांप नहीं पाए और उसका नतीजा इस रूप में सामने आया है। बता दें कि पहले भी खबरें आती रहीं कि मेघालय में विसेंट पाला को पीसीसी यानी प्रदेश कांग्रेस का चीफ बनाने से विधायकों में नाराजगी है। मशहूर पत्रिका इंडिया टुडे ने इस बारे में खबर भी छापी थी।

दरअसल, मेघालय में तीन पहाड़ियां हैं। इनके नाम खासी, गारो और जयंतिया हैं। इन्हीं पहाड़ियों के नाम पर तीन मुख्य जनजातियां भी हैं। मुकुल संगमा और उनके साथी विधायक जिस गारो जनजाति से आते हैं, विंसेंट पाला उस जनजाति के नहीं हैं। पाला को पीसीसी चीफ बनाने के बाद ही मुकुल संगमा ने कहा था कि इस नियुक्ति के बारे में उनसे कोई सलाह तक नहीं ली गई। अभी सितंबर में मुकुल संगमा ने ममता की पार्टी के महासचिव और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही मेघालय कांग्रेस छोड़कर उनके जाने के कयास लग रहे थे। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान ने संगमा और उनके समर्थक विधायकों की नाराजगी दूर करने की कोशिश की थी और अक्टूबर में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने दिल्ली में मुकुल संगमा और विंसेंट पाला को बुलाकर मनाने की कोशिश की थी, लेकिन हालात सामान्य नहीं हो सके।

बता दें कि कांग्रेस में नाराजगी और खासकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के कदमों की वजह से तमाम नेता इस सबसे पुरानी पार्टी को छोड़ चुके हैं। इनमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, सुष्मिता देव, ललितेशपति त्रिपाठी और अन्य बड़े नेता हैं। कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक मनमर्जी से फैसले लेने की वजह से आलाकमान से नेताओं की नाराजगी बढ़ रही है। जी-23 बनाकर आलाकमान से कई बड़े नेताओं ने भी सवाल पूछा था।

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