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रिलायंस की कोरोना वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी, सफल रहने पर तीसरी स्वदेशी वैक्सीन होगी

नई दिल्ली। देश के लिए अच्छी खबर है। कोरोना से जारी जंग के बीच भारत के औषधि महानियंत्रक यानी DCGI ने मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस लाइफ साइंसेज की कोरोना वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल की मंजूरी दे दी है। रिलायंस लाइफ साइंसेज ने ये वैक्सीन तैयार की है। डीसीजीआई ने पहले दौर के क्लीनिकल ट्रायल के लिए रिलायंस को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी है। स्वस्थ प्रतिभागियों में अब रिलायंस लाइफ साइंसेज कोरोना प्रोटिन सबयूनिट वैक्सीन का ट्रायल कर सकेगी। तय शर्तों के मुताबिक कंपनी को 14वें दिन की जगह 42वें दिन के मूल्यांकन के हिसाब से डेटा जमा करना होगा। ये डेटा इम्युनोजेनिसिटी के हिसाब से संशोधित होगा। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की विशेषज्ञों की कमेटी ने इसकी सिफारिश की थी। अगर ये ट्रायल सफल रहा, तो रिलायंस की वैक्सीन तीसरी स्वदेशी वैक्सीन होगी।

डीसीजीआई ने कमेटी की सिफारिशों के आधार पर रिलायंस को क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी दी है। कंपनी के इस बारे में आवेदन पर 26 अगस्त को विचार-विमर्श किया गया था। परीक्षण महाराष्ट्र में आठ जगह किया जाएगा। औषधि महानियंत्रक ने इससे पहले 6 कोविड टीकों के देश में आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी थी। इनमें सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड, भारत बायोटेक की कोवैक्सीन, जाइडस कैडिला की जाइकोव-डी, रूस की स्पूतनिक और अमेरिकी कंपनियों-मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन के बनाए दो टीके शामिल हैं।

अगर रिलायंस की वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल में सफल रहती है, तो आने वाले दिनों में देश को कोरोना से लड़ने में काफी सफलता मिल सकती है। माना जा रहा है कि रिलायंस की वैक्सीन काफी सस्ती होगी। जिससे देश के गरीबों को भी इसे लगवाना आसान रहेगा। इसके अलावा आने वाले वक्त में कुछ और विदेशी वैक्सीन को भी डीसीजीआई की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

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