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वानखेड़े की पत्नी से मुलाकात के बाद अठावले का रौद्र रूप, नवाब मलिक को खूब सुनाई खरी-खोटी

नई दिल्ली। आर्यन सलाखों से छूटकर अपने मन्नत पहुंचकर सुकून की सांस से ले रहे हैं, लेकिन एनसीबी के जोनल डॉयरेक्टर समीर वानखेड़े का तो सुकून, चैन और नींद सब चला गया है। उन पर जिस तरह के आरोप एनसीपी के नेता नवाब मलिक आए दिन लगाते आ रहे हैं, उससे इस बात को कतई खारिज नहीं किया जा सकता है कि उनकी मुश्किलों में इजाफा हुआ है। ज्ञानेश्वर सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति आर्यन केस में उनकी कार्यशैली समेत नवाब के आरोपों को संज्ञान में लेते हुए जांच कर रही है। इस संदर्भ में वानखेड़े से पूछताछ भी की जा चुकी है। वहीं नवाब ने जिस तरह समीर वानखेड़े पर दलित जाति प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया है, उसे लेकर अब यह मामला संजीदा होता जा रहा है।

इस पूरे मसले की संजीदगी का अंदाजा आप महज इसी से लगा सकते हैं कि अब इस पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने समीर का बचाव करते हुए कहा कि उन पर नवाब मलिक द्वारा लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। समीर वानखेड़े दलित समुदाय से आते हैं। उन पर जानबूझकर नए आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसा करके दलित समुदाय को बदनाम कोशिश की जा रही है। इन आरोपों में कोई तथ्य नहीं है। बता दें कि अठावले ने यह बयान समीर वानखेड़े की पत्नी क्रांति रेडकर से मुलाकात के बाद दिए हैं।

वहीं, समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव वानखेड़े ने नवाब मलिक द्वारा अपने बेटे पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मैंने और मेरे बेटे ने कभी इस्लाम धर्म कुबूल नहीं किया है। हमने कभी किसी भी दलित का हक नहीं छीना है। हम खुद दलित समुदाय से आते हैं। समीर वानखेड़े के पिता ने आगे नवाब मलिक के रोष के पीछे की वजह बयां करते हुए कहा कि मेरे बेटे ने आज से आठ माह पूर्व इनके दामाद को गिरप्तार किया था, जिसका गुस्सा अब यह इस तरह के आरोप लगा कर निकाल रहे हैं। अगर इसके बावजूद भी आपको कुछ कहना है, तो आप कोर्ट जा सकते हैं।

आपको पूरी आजादी है, लेकिन आप इस तरह मेरे बेटे के खिलाफ बयानबाजी और आरोपबाजी करना बंद करिए। हमें अपनी जाति धर्म को लेकर किसी को भी सफाई देने की जरूरत नहीं है। बता दें कि नवाब ने कहा  था कि समीर वानखेड़े ने धर्म नहीं बदला था, बल्कि उनके पिता ने धर्म बदला था और नियमों के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति धर्म बदल लेता है, तो उससे दलित होने के सारे अधिकार वंचित हो जाते हैं, लेकिन समीर वानखेड़े ने मुसलमान होने के बाद भी दलित के आधार पर नौकरी हासिल की है। उधर, नवाब मलिक के आरोपों पर समीर ने अनुसूचित जाति आयोग का रूख कर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर उनके द्वारा लगाए गए आरोप सही साबित हुए, तो नवाब को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

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