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हिजाब विवाद का मसला अब राजनीति तूल पकड़ता जा रहा

नई दिल्ली। कर्नाटक हिजाब विवाद का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। हिजाब विवाद का मसला अब राजनीति तूल पकड़ता जा रहा है। इतना ही नहीं हिजाब विवाद का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इसी बीच हिजाब समर्थकों को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। दरअसल शुक्रवार को हिजाब विवाद मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है। बता दें कि गुरुवार को हाईकोर्ट ने हिजाब विवाद पर सुनवाई करते हुए सरकार को राज्य में स्कूलों को फिर से खोलने का निर्देश दिया था। साथ ही कोर्ट ने इस मामले में फैसला आने तक स्कूल-कॉलेजों में धार्मिक पोशाक पहनकर जाने पर रोक लगाई थी।

इससे पहले कर्नाटक हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई जिसमें छात्रों को मामले का फैसला होने तक धार्मिक पोशाक पहनने पर जोर नहीं देने का निर्देश दिया गया था। अधिवक्ता रहमतुल्लाह कोथवाल और आदिल अहमद के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि हिजाब पहनने का अधिकार अनुच्छेद 19 (1) (ए), निजता के अधिकार और अनुच्छेद 25 के तहत अंतरात्मा की स्वतंत्रता के तहत अभिव्यक्ति के अधिकार के अंतर्गत आता है। इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता है। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों के एक समूह द्वारा हिजाब पहनने की जिद का विरोध किया है।

मोहम्मद आरिफ जमील और डी.जे. हल्ली फेडरेशन ऑफ मसाजिद मदारिस एंड वक्फ इंस्टीट्यूशंस ने तर्क दिया कि उच्च न्यायालय ने अपने आदेश के माध्यम से मुस्लिम छात्र-महिलाओं को हिजाब पहनने और उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं देकर उनके मौलिक अधिकार को कम करने की मांग की है। इसलिए, यह आवश्यक है कि इस याचिका के निपटारे तक आक्षेपित आदेश के संचालन को रोकने के लिए एक उचित आदेश दिया जाए अन्यथा विशेष अनुमति याचिका दायर करने का उद्देश्य विफल हो सकता है और इसे निष्फल किया जा सकता है।

 

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