नई दिल्ली। रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के बैंक अकाउंट को धोखाधड़ी वाला साबित करने की कार्यवाही के संबंध में उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी को दिल्ली हाईकोर्ट ने राहत नहीं मिली है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा जय अनमोल और RHFL को जारी नोटिस पर रोक लगाने से उच्च न्यायालय ने इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट के जस्टिस जसमीत सिंह ने जय अनमोल अंबानी को 10 दिनों के अंदर बैंक के सामक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही अदालत ने यह भी कहा है कि बैंक द्वारा लिया गया कोई भी निर्णय का प्रभाव इस मामले में कोर्ट के आदेश के अधीन रहेगा।
जस्टिस जसमीत सिंह ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को भी एक स्पष्ट निर्देश जारी करने और उसे कोर्ट में प्रस्तुत करने को कहा है। हाईकोर्ट ने कहा, दोनों पक्षों के बीच इस बात को लेकर सहमति बनी है कि याचिकाकर्ता के द्वारा आज से 10 दिनों के अंदर नोटिस का जवाब दिया जाएगा और 30 जनवरी को याचिकाकर्ता व्यक्तिगत तौर पर सुनवाई के लिए उपस्थित होगा। प्रतिवादी याचिकाकर्ता या उसके अधिकृत प्रतिनिधि की सुनवाई के बाद एक आदेश पारित करेगा। इसी के साथ कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 फरवरी की तारीख तय कर दी है।
कोर्ट में जय अनमोल अंबानी का पक्ष रखते हुए उनके वकील ने दलील दी कि 22 दिसंबर 2025 को बैंक के द्वारा जो कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था वो स्वाभाविक रूप से त्रुटिपूर्ण था। वकील ने कहा कि आरएचएफएल के लिए समाधान योजना को कर्ज देने वाले सभी बैंकों के साथ सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा भी पहले ही मान लिया है, ऐसे में कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप नहीं लगाए जा सकते। साथ ही यह भी कहा गया कि बैंक के पास किसी भी स्थिति में 2020 से ही संबंधित जानकारी उपलब्ध थी ऐसे में पांच साल बाद नोटिस जारी करना कानून के विपरीत है।
















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