नई दिल्ली। भारत और अमेरिका में ट्रेड डील को लेकर जारी प्रयासों के बीच भारत ने अमेरिका के लिए अंतर्राष्ट्रीय डाक सेवाएं फिर से शुरू करने का फैसला किया है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय की ओर से प्रसन्नता जताते हुए घोषणा की गई कि बुधवार 15 अक्टूबर 2025 से संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) के लिए सभी प्रकार की अंतर्राष्ट्रीय डाक सेवाएं पुनः आरंभ हो जाएंगी। ग्राहक अब डीडीपी मॉडल के तहत किफायती और पारदर्शी शिपिंग के साथ पार्सल, दस्तावेज और उपहार भेज सकते हैं। अमेरिका के कस्टम रूल्स में हुए बदलाव के चलते भारत ने 25 अगस्त से यूएस के लिए पोस्टल सर्विस अस्थाई रूप से निलंबित कर दी थी।
डाक विभाग की ओर से कहा गया है है कि पार्सल सर्विस की दोबारा शुरुआत भारत के अंतर्राष्ट्रीय डाक और निर्यात लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और समावेशी, निर्यात-संचालित आर्थिक विकास के सरकार के दृष्टिकोण को समर्थन देने में भारतीय डाक की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से बीती 30 जुलाई को जारी किए गए आदेश के मुताबिक 800 डॉलर तक के सामान पर लगने वाले सीमा शुल्क की छूट को खत्म कर दिया गया था। इसी के चलते भारत सरकार ने डाक सेवाएं निलंबित करने का फैसला किया था।
भारतीय डाक ने अब डिलीवरी ड्यूटी पेड (डीडीपी) प्रसंस्करण के लिए एक अनुपालन तंत्र स्थापित कर लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत, अमेरिका भेजे जाने वाले शिपमेंट पर लागू सभी प्रकार के सीमा शुल्क बुकिंग के समय भारत में अग्रिम रूप से वसूल किए जाएंगे और अनुमोदित योग्य पक्षों के माध्यम से सीधे सीबीपी को भेज दिए जाएंगे। इससे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क या देरी के अमेरिका में प्राप्तकर्ता तक निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित की जा सकेगी। ग्राहक अब किसी भी डाकघर, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार केंद्र (आईबीसी), या डाक घर निर्यात केंद्र (डीएनके) पर जाकर या विभाग की वेबसाइट www.indiapost.gov.in के माध्यम से अमेरिका में डिलीवरी के लिए सभी श्रेणियों के अंतर्राष्ट्रीय मेल ईएमएस, एयर पार्सल, पंजीकृत पत्र/पैकेट बुक कर सकते हैं।

















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