इस्लामाबाद। पाकिस्तान ऐसा मुल्क है, जो किसी का नहीं है। जिससे फायदा मिलता दिखता है, पाकिस्तान उसकी ही तरफ हो जाने के लिए कुख्यात है। अब पाकिस्तान का चीन की तरफ रवैया ही देख लीजिए। चीन ने पाकिस्तान के लिए क्या-क्या नहीं किया! जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान को खूब कर्ज दिया। पाकिस्तान में कई काम भी चीन ने कराए, लेकिन अब पाकिस्तान खराब वक्त में साथ देने वाले चीन को भी आंखें तरेरनी शुरू कर दी हैं। चीन के प्रति पाकिस्तान का ये बदला रवैया अमेरिका के फिर करीबी बनने के बाद दिखा है।
पाकिस्तान के अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक पाकिस्तान के फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (एफबीआर) के चेयरमैन राशिद लैंगरियाल ने संसद के सीनेट में चीन की कंपनियों को चेतावनी दी कि या तो वे अपना प्रोडक्शन की पूरी जानकारी दें या कामकाज बंद करें। सीनेट की स्थायी वित्त समिति में चीन की चार कंपनियों के प्रतिनिधि ने कहा था कि उनका मैनेजमेंट सीसीटीवी मॉनिटरिंग की मंजूरी नहीं दे रहा। क्योंकि सिरेमिक टाइल बनाने वाली कंपनी में कैमरे लगाने से ट्रेड सीक्रेट बाहर आ सकते हैं। चीन की कंपनियों के इस तर्क को एफबीआर चैयरमैन ने खारिज कर दिया। राशिद लैंगरियाल ने कहा कि कंपनियों में उत्पादन पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं।
पाकिस्तान सरकार के टैक्स मामलों के चेयरमैन ने कहा कि पहले ही चीन के निवेशकों को राहत दी जा चुकी है। उनसे कहा गया है कि अपनी फैक्टरियों में 16 की जगह 5 सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। लैंगरियाल ने कहा कि चीन की कंपनियों की फैक्टरी में सिर्फ उन जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जहां उत्पादन को सही तरीके से मापा जा सके। यानी पाकिस्तान सरकार परोक्ष तौर पर चीन की कंपनियों पर टैक्स चोरी का आरोप लगाती दिखी। पाकिस्तान में टैक्स चोरी बड़ा मुद्दा है। इस वजह से पाकिस्तान सरकार ने 18 सेक्टर्स की फैक्टरियों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर प्रोडक्शन पर नजर रखने का फैसला किया है। ताकि उत्पादन की मात्रा में घालमेल कर टैक्स की चोरी न की जा सके।
















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