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‘परिवार के भीतर संवाद करो…बच्चियों को…’, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने लव जिहाद रोकने के बताए उपाय

भोपाल। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने लव जिहाद की रोकथाम के उपाय बताए हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार को सामाजिक सद्भाव और स्त्री शक्ति संवाद कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा कि लव जिहाद रोकने की कोशिश सबसे पहले हमें अपने घर और परिवार से शुरू करनी चाहिए। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सभी को गंभीरता से विचार करना चाहिए कि परिवार की बेटी किसी अपरिचित के बहकावे में कैसे आई? उन्होंने कहा कि लव जिहाद रोकने के लिए तीन कदम उठाने जरूरी हैं।

मोहन भागवत ने कहा कि लव जिहाद का बड़ा कारण परिवार के लोगों के बीच संवाद की कमी है। उन्होंने लव जिहाद रोकने के लिए तीन उपाय भी बताए। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि लव जिहाद रोकने के लिए परिवार के भीतर लगातार बातचीत यानी संवाद होना चाहिए। मोहन भागवत ने कहा कि दूसरा कदम ये है कि परिवार की बच्चियों को सावधानी और आत्मरक्षा का संस्कार देना चाहिए। उन्होंने लव जिहाद रोकने के लिए तीसरे उपाय के तौर पर कहा कि इस तरह के अपराध करने वालों के खिलाफ प्रभावी निस्तारण होना चाहिए। मोहन भागवत ने कहा कि समाज के लिए काम करने वाली संस्थाओं को लव जिहाद की गतिविधियों की जानकारी रखनी चाहिए।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि समाज को एकजुट होकर खड़ा होना पड़ेगा। तभी लव जिहाद का समाधान निकलेगा। भागवत ने कहा कि हमारा धर्म, संस्कृति और समाज की व्यवस्था महिलाओं की वजह से ही सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि समाज में भ्रम फैलाया जाता है। जनजातियों और दूसरे वर्गों के लोगों को तोड़ने के कहा जाता है कि वे अलग हैं। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सच्चाई ये है कि हजारों साल से अखंड भारत में रहने वाले सभी का डीएनए एक ही है। उन्होंने नसीहत दी कि सिर्फ संकट के वक्त नहीं, हमेशा सद्भावना बनाए रखनी चाहिए। मोहन भागवत ने कहा कि सद्भावना की पहली शर्त है कि आपस में मुलाकात करें, बातचीत करें और एक-दूसरे के काम को जानें। प्रेरक कार्यों को अपनाएं। उन्होंने हर साल जिला, तहसील, ब्लॉक और गांव के स्तर पर सामाजिक सद्भाव बैठक करने के लिए भी कहा।

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