नई दिल्ली। पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए भारत ने मई 2025 में पाकिस्तान और पीओके स्थित आतंकी संगठनों के मुख्यालयों और कैंपों को हमला कर बर्बाद किया था। इसके बाद पाकिस्तान के आतंकी संगठन कुछ दिन चुप थे। अब पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के बड़े गुर्गे फिर एकजुट होने लगे हैं। हाफिज सईद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के ऐसे ही टॉप गुर्गे 12 जनवरी 2026 को पाकिस्तान के बहावलपुर में एक साथ देखे गए।
सोशल मीडिया पर आई जानकारी के मुताबिक बहावलपुर के शिकारपुरी गेट के पास स्थित जामिया मोहम्मदिया में 12 जनवरी को लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद का बेटा तलहा सईद, सैफुल्लाह खालिद कसूरी और हाफिज अब्दुर रहमान ने एक उच्चस्तरीय बैठक की। हाफिज सईद के बेटे समेत इन सभी टॉप के लश्कर आतंकियों ने बैठक में बयानबाजी भी की। बता दें कि बैठक में शामिल ये सभी लश्कर आतंकी भारत की मोस्ट वांटेड लिस्ट में हैं। भारत लगातार इनके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है, लेकिन पाकिस्तान की सरकार और सेना इन दहशतगर्दों की सरपरस्त बनी हुई है।
पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों के आका किस कदर फिर सिर उठा रहे हैं, उसका नजारा बीते दिनों भी देखा गया था। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर ने एक ऑडियो में दावा किया कि उसके पास हजारों आत्मघाती हमलावर हैं। मौलाना मसूद अजहर ने ये भी कहा था कि अगर वो इनकी तादाद बता देगा, तो दुनियाभर की मीडिया में हलचल मच जाएगी। ये वही मसूद अजहर है, जिसके बहावलपुर स्थित मुख्यालय को भी भारतीय सेना ने ध्वस्त कर दिया था। इस हमले में मसूद अजहर के बहनोई समेत कई रिश्तेदार भी मारे गए थे। वहीं, हाफिज सईद के करीब टॉप आतंकी सैफुल्लाह खालिद कसूरी ने भी भारत को बीते दिनों गीदड़भभकी दी थी। सैफुल्लाह कसूरी ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के आतंकी संगठनों पर हमला कर बड़ी गलती की। इससे पहले भी लश्कर और जैश के बड़े आतंकी भारत के खिलाफ जहर उगलते और कश्मीर को आजाद कराने के लिए जंग लड़ते रहने का दावा करते आए हैं।
















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