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फ्रांस से और 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी में भारत

नई दिल्ली। भारत और फ्रांस के बीच बड़ा रक्षा सौदा होने की उम्मीद है। रक्षा सामग्री खरीद बोर्ड यानी डीपीबी ने फ्रांस की कंपनी दसॉ से और 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के भारतीय वायुसेना के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी डीएसी 114 राफेल विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी देगी। जिसके बाद रक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) से मंजूरी मिलने के बाद फ्रांस से सौदा होगा।

भारतीय वायुसेना के पास अभी 36 राफेल विमान है। राफेल विमानों ने ऑपरेशन सिंदूर में जबरदस्त प्रदर्शन कर पाकिस्तान में तमाम ठिकाने ध्वस्त किए थे। इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने 114 राफेल विमान खरीदने का प्रस्ताव डीपीबी को भेजा था। बताया जा रहा है कि फ्रांस से 114 राफेल विमान खरीदने में 32 बिलियन डॉलर यानी 3.25 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे। माना जा रहा है कि फरवरी में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के भारत दौरे के वक्त राफेल विमान सौदा किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक 114 में से 12 से 18 राफेल विमान फ्रांस से बनकर आएंगे। बाकी को टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के साथ भारत में ही दसॉ तैयार करेगी।

खासियत ये है कि फ्रांस से खरीदे जाने वाले राफेल विमानों में भारतीय हथियार लगाए जा सकेंगे। यानी इन 114 राफेल में फ्रांस की कंपनियों के हथियारों की जगह मेक इन इंडिया के तहत बने हथियारों का इस्तेमाल हो सकेगा। इससे पहले जो 36 राफेल विमान खरीदे गए थे, उनमें फ्रांस की कंपनियों के बने हथियार ही इस्तेमाल किए जा सकते हैं। हालांकि, राफेल विमानों का सोर्स कोड फ्रांस के ही पास रहेगा। पहले खरीदे गए राफेल विमानों से दो स्क्वॉर्डन बने थे। इनमें से एक हरियाणा के अंबाला और दूसरा पश्चिम बंगाल के हाशीमारा में है। इससे पहले भारत ने साल 2025 में फ्रांस को नौसेना के लिए 26 राफेल-मरीन लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया था। राफेल-मरीन लड़ाकू विमानों को 63000 करोड़ रुपए में खरीदा जा रहा है। अगर राफेल का ये सौदा होता है, तो साफ है कि भारत फिर रूस से एसयू-57 और अमेरिका से एसयू-35 लड़ाकू विमान नहीं खरीदेगा।

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