नई दिल्ली। बांग्लादेशी घुसपैठियों और उनको भारत में घुसपैठ करा बसाने के जिम्मेदारों की अब खैर नहीं है। मोदी सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से जुड़े नेटवर्क की छानबीन करने का काम राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए को दे दी है। अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक एनआईए नई एफआईआर दर्ज कर बांग्लादेशी घुसपैठियों के मसले पर जांच करने जा रही है। अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के संबंध में मनी ट्रेल की जांच भी एनआईए करेगी। ऐसे में आने वाले वक्त में देश में छिपे बांग्लादेशी घुसपैठियों और उनके फर्जी कागजात बनाने वालों की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी के आसार हैं।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने अप्रैल 2025 में बांग्लादेशी घुसपैठियों के मामले की जांच की थी। आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत दिल्ली पुलिस ने ये कार्रवाई की थी। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने बांग्लादेशी घुसपैठियों की मदद करने वाले एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने जांच में पाया था कि सीमा से लगे राज्यों में कई नेटवर्क चल रहे हैं। जिनके जरिए बांग्लादेशी घुसपैठियों को आधार और वोटर कार्ड जैसे दस्तावेज दिलाए जाते हैं। फरवरी 2025 में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की मदद करने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ने का दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था।
दिल्ली में ही जनवरी से अप्रैल 2025 तक पुलिस ने सभी बस्तियों में बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान का अभियान चलाया था। साल 2025 में दिल्ली पुलिस ने 2200 अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा था। असम और यूपी में भी बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए। इन सभी को बांग्लादेश डिपोर्ट किया गया। बिहार विधानसभा चुनाव में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों का मुद्दा उठा था। बीजेपी लगातार आरोप लगाती है कि बांग्लादेश से लगी पश्चिम बंगाल की करीब 800 किलोमीटर सीमा पर राज्य की टीएमसी सरकार की ओर से जमीन न मिलने के कारण बाड़ नहीं लग सकी है। बीजेपी का आरोप है कि इसी रास्ते बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ करते हैं। एक अनुमान के मुताबिक भारत में 2 करोड़ से ज्यादा बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए हैं।















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