ढाका। बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या हुई है। पुलिस के मुताबिक बांग्लादेश के फेनी जिले में समीर दास नाम के युवक को बदमाशों ने पीटकर मार दिया। उसके बाद उसका ऑटो रिक्शा लेकर फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक समीर दास ऑटो चलाता था। रविवार यानी 11 जनवरी को वो ऑटो लेकर निकला था, लेकिन रात में घर नहीं लौटा। पहले घरवालों ने समीर दास की तलाश की। उन्होंने बांग्लादेश पुलिस को भी समीर दास के बारे में जानकारी दी। रविवार रात को ही स्थानीय लोगों को समीर दास करीमपुर के मुहुरी बाड़ी में खून से लथपथ पड़ा देखा।
लोगों ने पाया कि समीर दास की मौत हो चुकी थी। उसका ऑटो भी लापता था। पुलिस ने इसके बाद समीर दास के शव को कब्जे में कर फेनी जनरल हॉस्पिटल भिजवाया। बांग्लादेश के दागनभुइयां थाने के प्रभारी मोहम्मद आजिम ने बताया कि पुलिस समीर दास की हत्या की वजह का पता लगा रही है। अभी ये नहीं पता कि बदमाशों ने समीर दास की हत्या ऑटो लूटने के लिए की या किसी अन्य वजह से बांग्लादेश में इस युवक की हत्या ही। समीर दास के परिवार ने अज्ञात लोगों के खिलाफ बांग्लादेश पुलिस से शिकायत की है।
बांग्लादेश में दिसंबर 2025 से लेकर अब तक 8 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। मैमनसिंह जिले में दीपू चंद्र दास की सरेआम हत्या कर शव जलाए जाने के साथ इसकी शुरुआत हुई थी। इसके बाद एक के बाद एक हिंदू की हत्या हुई। हाल के दिनों में जान गंवाने वाले हिंदुओं में मोनी चक्रवर्ती नाम के दुकानदार भी हैं। मोनी चक्रवर्ती के दोस्त ने आरोप लगाया था कि जजिया कर न देने के कारण उनकी हत्या हुई। जबकि, बांग्लादेश सरकार का दावा है कि पारिवारिक और कारोबारी रंजिश के कारण मोनी चक्रवर्ती की हत्या की गई। इससे पहले 2024 में जब हिंदुओं की हत्या का सिलसिला चला था, उस वक्त भी बांग्लादेश ने इन घटनाओं में कट्टरपंथियों का हाथ मानने से इनकार कर सियासी रंजिश को वजह बताया था।
















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