नई दिल्ली। भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में चक्रवाती तूफान दित्वा ने भारी तबाही मचाई है। चक्रवात की वजह से तूफानी हवाओं, मूसलाधार बारिश और लैंड स्लाइड की घटनाओं में अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं 20 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। हजारों लोग इस चक्रवाती तूफान से प्रभावित हुए हैं। वहीं इस विषम परिस्थिति में एक अच्छे पड़ोसी का धर्म निभाते हुए भारत ने श्रीलंका के लिए मदद के रूप राहत सामग्री भेजी है। जबकि पीएम नरेंद्र मोदी ने चक्रवात पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए श्रीलंका को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, चक्रवात दित्वा के कारण अपने प्रियजनों को खोने वाले श्रीलंका के लोगों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। मैं सभी प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, सांत्वना और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। अपने निकटतम समुद्री पड़ोसी के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत तत्काल राहत सामग्री और महत्वपूर्ण HADR सपोर्ट भेजा है। हम स्थिति के अनुसार और अधिक सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं। भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और विजन महासागर के दृष्टिकोण के अंतर्गत संकट की इस घड़ी में भारत श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है।
वहीं भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जानकारी दी है कि ऑपरेशन सागर बंधु के तहत भारतीय नौसेना के पोत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि के जरिए कोलंबो में राहत सामग्री पहुंचाई गई। मदद के लिए आगे की कार्रवाई अभी जारी है। बता दें कि श्रीलंकाई सरकार की ओर से बताया गया है कि चक्रवात प्रभावित इलाकों से 43,991 लोगों को सार्वजनिक आश्रय स्थलों में पहुंचाया गया है। वहीं अधिकांश मौतें भूस्खलन के कारण हुई हैं। हालात पर नजर रखी जा रही है। उधर इस चक्रवाती तूफान के मद्देनजर तमिलनाडु के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया। वहीं पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और आंधी तूफान की आशंका लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है।
















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