नई दिल्ली। एक्टर से नेता बने तमिलनाडु के विजय को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को झटका दिया। सुप्रीम कोर्ट ने विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायगन’ के मामले में इसे बनाने वालों को मद्रास हाईकोर्ट जाने के लिए कहा। विजय की फिल्म जन नायगन को सीबीएफसी सर्टिफिकेट न मिलने पर पहले फिल्म के प्रोड्यूसर्स ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया था। वहां से राहत न मिलने पर वे सुप्रीम कोर्ट आए थे, लेकिन देश की सबसे बड़ी अदालत से भी विजय की फिल्म पर राहत नहीं मिली।
विजय की फिल्म जन नायकन के प्रोड्यूसर्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर फिल्म को सीबीएफसी सर्टिफिकेट दिलाने की अपील की थी। विजय की फिल्म जन नायगन को सीबीएफसी से सर्टिफिकेट न मिलने के कारण 9 जनवरी को रिलीज नहीं किया जा सका था। विजय की फिल्म जन नायगन के प्रोड्यूसर्स की ओर से दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इसकी सुनवाई के इच्छुक नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट जाने के लिए कहा। साथ ही मद्रास हाईकोर्ट से कहा कि वो विजय की फिल्म पर 20 जनवरी तक फैसला करे।
जन नायगन के प्रोड्यूसर्स की तरफ से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने पैरवी की। रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि विजय की फिल्म 9 जनवरी को पूरे भारत में 5000 थियेटर्स में रिलीज होनी थी। रोहतगी ने कहा कि उनके मुवक्किलों को बताया गया था कि जन नायगन में 10 कट लगेंगे और फिर उसे सीबीएफसी सर्टिफिकेट दे देगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये मामला हाईकोर्ट में है और 20 जनवरी को सुनवाई है, तो सुप्रीम कोर्ट नहीं आना चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप मद्रास हाईकोर्ट ही जाएं। तमिल एक्टर विजय ने तमिलग वेत्री कझगम यानी टीवीके बनाई है। सीबीएफसी ने उनकी फिल्म जन नायगन में 27 कट लगाने के लिए कहा था। 9 जनवरी को मद्रास हाईकोर्ट की सिंगल जज बेंच ने फिल्म को यूनिवर्सल एडल्ट यानी यूए सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था। सीबीएफसी ने इसके खिलाफ बड़ी बेंच में अर्जी दी थी। जिसने सर्टिफिकेट देने के आदेश पर रोक लगा दी थी।

















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