रविन्द्र बंसल प्रभारी यूपी, यूके / हिंद फोकस न्यूज़
🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस विशेष: गाजियाबाद – संघर्ष, विकास और देशभक्ति की धरती
परिचय
गाजियाबाद जनपद उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र है। दिल्ली से सटा होने के कारण यह न केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का अहम हिस्सा है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में भी इसकी अपनी विशिष्ट पहचान रही है। 15 अगस्त को जब पूरा देश आज़ादी का जश्न मनाता है, तब गाजियाबाद भी शौर्य, बलिदान और प्रगति की कहानियां सुनाता है।
स्वतंत्रता संग्राम में योगदान
1857 की प्रथम स्वतंत्रता क्रांति के दौरान गाजियाबाद के कई इलाकों में विद्रोह की गूंज सुनाई दी।
मेरठ और दिल्ली के बीच स्थित होने के कारण यह क्रांतिकारियों के लिए रणनीतिक मार्ग बना।
यहां के ग्रामीणों ने अंग्रेज़ी शासन के खिलाफ गुप्त रूप से खाद्य, आश्रय और संदेश पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गाजियाबाद में कार्यक्रम
झंडारोहण – जिले के सभी सरकारी भवनों, विद्यालयों, कॉलेजों और संस्थानों में सुबह-सुबह ध्वजारोहण समारोह होता है।
देशभक्ति परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम – राजकीय इंटर कॉलेज, डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क और कवि नगर स्टेडियम जैसे स्थानों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
शहीदों को नमन – जनपद के स्वतंत्रता सेनानियों और वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
आज का गाजियाबाद
औद्योगिक हब: लोहे, इस्पात, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और निर्माण सामग्री के बड़े उद्योग यहां हैं।
शिक्षा का केंद्र: कई प्रतिष्ठित स्कूल, कॉलेज और तकनीकी संस्थान यहां से संचालित होते हैं।
एनसीआर का प्रवेश द्वार: दिल्ली, मेरठ, हापुड़, नोएडा से जुड़ाव के कारण यह उत्तर भारत का व्यापारिक और परिवहन केंद्र है।
देशभक्ति का संदेश
गाजियाबाद का हर नागरिक 15 अगस्त को यह संकल्प लेता है कि जिस आज़ादी के लिए हमारे पूर्वजों ने बलिदान दिया, उसकी रक्षा, सम्मान और विकास के लिए हम सदैव तत्पर रहेंगे।
गाजियाबाद का इतिहास हमें यह सिखाता है कि चाहे समय कितना भी कठिन क्यों न हो, एकजुट होकर हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। स्वतंत्रता दिवस हमें केवल जश्न मनाने का अवसर नहीं देता, बल्कि अपने कर्तव्यों और देशप्रेम की याद भी दिलाता है।















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