नई दिल्ली। पाकिस्तान की सरकार और सेना ये दावा करते हैं कि आतंकियों से उनका कोई नाता नहीं है, लेकिन अब एक बड़े आतंकी ने पाकिस्तान के इस झूठ की पोल खोल दी है। इस बड़े आतंकी का नाम सैफुल्लाह कसूरी है। सैफुल्लाह कसूरी आतंकी सरगना और लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद का करीबी है। सैफुल्लाह कसूरी ने पाकिस्तान के एक स्कूल में हुए प्रोग्राम में खुद कहा कि पाकिस्तान की सेना और आतंकियों में साठ-गांठ है। सैफुल्लाह कसूरी ने कहा कि पाकिस्तान की सेना हर दिन उसके आतंकी संगठन के लोगों को कार्यक्रमों में बुलाती है। साथ ही अपने सैनिकों के नमाज-ए-जनाजा भी उससे अदा कराती है।
सैफुल्लाह कसूरी पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है। उसने कार्यक्रम में भारत के खिलाफ भड़काऊ नारेबाजी की और बड़बोलापन दिखाते हुए कहा कि उसकी मौजूदगी से भारत डरा हुआ है। सैफुल्लाह कसूरी के ताजा बयान से पाकिस्तान की सरकार और वहां की सेना की पोल पूरी तरह खुल चुकी है। कसूरी के बयान से साफ है कि आतंकी संगठनों से पाकिस्तान की सेना ने दूरी नहीं बना रखी। पाकिस्तान का ये दावा भी ध्वस्त हो गया है कि सबसे ज्यादा आतंकी हमले उसे ही झेलने होते हैं। कुछ दिन पहले ही आतंकी सैफुल्लाह कसूरी का एक और वीडियो आया था। जिसमें कसूरी ये कहता दिखा था कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर बड़ी गलती की।
खास बात ये है कि सैफुल्लाह कसूरी पाकिस्तान में घूम-घूमकर भारत के खिलाफ जहर उगल रहा है और अब उसने पाकिस्तान की सेना से करीबी रिश्ते होने का दावा भी किया है, लेकिन पाकिस्तान की सरकार सैफुल्लाह कसूरी पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इसकी वजह साफ है। पाकिस्तान की सरकारों ने ही भारत के खिलाफ आतंकी संगठनों को खड़ा किया है। अब जिनको उसने शह देकर भारत में खून-खराबा कराना जारी रखा, उनके खिलाफ पाकिस्तान आखिर कैसे कार्रवाई कर सकता है! पाकिस्तान ने दिखावे के लिए कई बार सैफुल्लाह कसूरी के बॉस हाफिज सईद को भी जेल भेजा, लेकिन उसे बार-बार घर जाने की छूट भी दी गई।
















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