नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र किया। विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके योगदान पर भी प्रधानमंत्री ने चर्चा की। मोदी ने कहा कि आज भारत में यूपीआई दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन प्रोड्यूसर है। भारत दुनिया का नंबर-2 स्टील प्रोड्यूसर है। भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट है। भारत में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। भारत में दुनिया का तीसरा बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक है। भारत में डेमोक्रेसी का अर्थ लास्ट माइल डिलीवरी है।
प्रधानमंत्री ने कहा, आज भारतीय महिलाएं न विभिन्न क्षेत्रों में सिर्फ हिस्सा नहीं ले रही हैं, बल्कि नेतृत्व भी कर रही हैं। भारत की राष्ट्रपति, हमारी पहली नागरिक, एक महिला हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री, जिस शहर में हम अभी हैं, वह भी एक महिला हैं। ग्रामीण और स्थानीय सरकारी निकायों में, भारत में लगभग 1.5 मिलियन चुनी हुई महिला प्रतिनिधि हैं। वे लगभग 50 फीसदी जमीनी स्तर के नेताओं का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो वैश्विक स्तर पर बेजोड़ आंकड़ा है। मोदी ने कहा, आज जब दुनिया अभूतपूर्व परिवर्तनों से गुजर रही है, तब ग्लोबल साउथ के लिए भी नए रास्ते बनाने का समय है। भारत हर वैश्विक मंच पर ग्लोबल साउथ के हितों को पूरी मजबूती से उठा रहा है। जी20 की अध्यक्षता के दौरान भारत ने ग्लोबल साउथ की चिंताओं को वैश्विक एजेंडे के केंद्र में रखा है। भारत का लगातार यह प्रयास है कि हम जो भी नवाचार करें, उससे पूरे ग्लोबल साउथ को लाभ मिले और राष्ट्रमंडल देशों को भी फायदा हो।
राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों को संबोधित करते हुए मोदी बोले, अब तक मुझे आपके संगठन से जुड़े 20 से अधिक सदस्य देशों का दौरा करने का अवसर मिला है। मुझे कई संसदों को संबोधित करने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ है। मैं जहां भी गया, मैंने बहुत कुछ सीखा। मैंने लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा अध्यक्ष और उपसभापति के साथ लगातार अपने अनुभव और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा किया है। मुझे विश्वास है कि यह सम्मेलन सीखने और सिखाने की प्रक्रिया को और समृद्ध करेगा। मोदी ने कहा, हमने अपनी संसद में AI की मदद से बहसों और सदन की कार्यवाही को क्षेत्रीय भाषाओं में वास्तविक समय में अनुवाद करने का काम शुरू किया है। संसदीय संसाधनों को अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए भी एआई का उपयोग किया जा रहा है। इससे युवा पीढ़ी को संसद की कार्यप्रणाली को समझने का बेहतर अवसर मिल रहा है।

















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