Advertisement

Crypto: क्रिप्टोकरेंसी की वजह से RBI खो सकता है नियंत्रण, पूर्व गवर्नर सुब्बाराव ने बजाई खतरे की घंटी

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डी. सुब्बाराव ने क्रिप्टोकरेंसी पर आशंका जताते हुए चेतावनी दी है। सुब्बाराव ने कहा है कि देश में क्रिप्टोकरेंसी को मंजूरी दिए जाने पर मनी फ्लो यानी मुद्रा के प्रसार और महंगाई के प्रबंधन पर रिजर्व बैंक का नियंत्रण खत्म हो सकता है। राव ने ये भी कहा कि भारत में रिजर्व बैंक डिजिटल मुद्रा जारी करने का मामला भी शायद मजबूत न हो, क्योंकि इसमें पूंजी के नियंत्रण का पहलू शामिल है। इससे पहले रिजर्व बैंक के मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास भी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अपनी आशंका जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने इसे देश के लिए खतरा बताया था।

मोदी सरकार संसद के मौजूदा सत्र में क्रिप्टोकरेंसी पर बिल लाने जा रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते दिनों एक टीवी चैनल के शो पर कहा था कि बिल अभी बन रहा है। उन्होंने संकेत दिए थे कि सरकार भले ही क्रिप्टोकरेंसी पर बैन न लगाए, लेकिन वो हर हाल में इसका नियमन करना चाहती है। वित्त सचिव ने भी साफ तौर पर कह दिया है कि क्रिप्टोकरेंसी को किसी सूरत में मुद्रा नहीं माना जा सकता। बताया जा रहा है कि क्रिप्टो के अवैध लेन-देन पर बैन लगाया जाएगा और ऐसा करने वालों को बिना वॉरंट गिरफ्तार भी किया जाएगा।

पीएम नरेंद्र मोदी भी क्रिप्टोकरेंसी के विज्ञापनों और इसके लेन-देन पर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि इससे देश के युवाओं को खतरा है। साथ ही आतंकवाद को फंडिंग का खतरा भी है। मोदी ने दुनिया के सभी देशों से इस बारे में कानून बनाने का आग्रह भी किया था। मोदी के इस बयान के बाद सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर बिल लाने में तेजी दिखा रही है। इससे क्रिप्टो बाजार में हड़कंप है और बिटकॉइन समेत तमाम क्रिप्टोकरेंसी की कीमत में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। माना जा रहा है कि सरकार इस बिल को अगले हफ्ते संसद से पास करा सकती है। जिसके बाद क्रिप्टोकरेंसी के बाजार का नियामक सेबी को बनाया जा सकता है। फिलहाल किसी को ये नहीं पता कि बिल में क्या होगा, लेकिन सरकार की ओर से सख्त कदम की उम्मीद है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *