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Kerala: वामपंथी दल के पोस्टर में एक भी भारतीय नेता नहीं, सोशल मीडिया में लोगों ने कसे तंज

तिरुवनंतपुरम। एक दौर था, जब वामपंथी दलों की देश में कई जगह सरकारें थीं। ये सरकारें लंबे समय तक चली थीं और समाजवाद की बातें इन कम्युनिस्ट दलों के नेता करते थे। अब हालत ये हो गई है कि वामपंथी दलों को अपने नेताओं के चेहरों पर ही भरोसा नहीं रहा। देश में अब सिर्फ केरल में वामपंथी सरकार बची है और वहां पिनरई विजयन सीएम हैं। बावजूद इसके मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी यानी CPM को विजयन में भी वो बात नहीं दिखती, जो विदेशी नेताओं के चेहरों में दिखती है। ये हम नहीं पार्टी का पोस्टर कह रहा है। दरअसल, केरल में सीपीएम का जिला सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें पार्टी के किसी भारतीय नेता की तस्वीर को जगह नहीं मिली है। पोस्टर में कार्ल मार्क्स, एंजेल्स, लेनिन और स्टालिन की तस्वीरों को जगह दी गई है। ये सभी विदेशी कम्युनिस्ट नेता रहे हैं।

वामपंथी दलों की बात करें, तो पहले बंगाल, केरल और त्रिपुरा में इनका एकछत्र साम्राज्य रहा है। बंगाल में तो 30 साल से ज्यादा समय तक वामपंथी दलों की सरकार रही। त्रिपुरा में भी लंबे समय तक वामपंथियों ने शासन किया, लेकिन फिर कांग्रेस का केंद्र में साथ देकर वामपंथी दल हाशिए पर चले गए। पहले बंगाल का शासन वामपंथियों से छिना और फिर त्रिपुरा भी उनके कब्जे से निकलकर बीजेपी की तरफ चला गया। अब केरल में वामपंथी सरकार में हैं और पिनरई विजयन जैसे बड़े नामचीन नेता के होते हुए अपने पोस्टर में उनकी फोटो तक नहीं लगा रहे हैं।

सीपीएम के पोस्टर में भारतीय नेताओं की फोटो न होने पर सोशल मीडिया में लोग खूब मजे ले रहे हैं। साथ ही वामपंथी नेताओं को देशद्रोही भी करार दे रहे हैं।

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