नई दिल्ली। अगर भाजपा का कोई नेता या कोई भाजपाई पीएम मोदी के नाम तारीफों के कसीदे पढ़ेगा, तो आपके पास कहने के लिए बेशुमार बहाने होंगे कि उसका पीएम मोदी से सरोकार है। पार्टी से सरोकार है। ये सब जी हुजूरी तो चलती ही रहती है और करना भी पड़ता है। मजबूरियां होती हैं। हमने तो बहुत कुछ देखा है। चलिए अगर हम आपकी इन बातों को कुछ देर के लिए सही भी मान लें, तो एनसीपी नेता माजिद मेमन के बारे में आपका क्या ख्याल रहेगा। वो तो बीजेपी के नेता नहीं हैं और न ही बीजेपी के समर्थक हैं, लेकिन अगर आप उनका राजनीतिक जीवन खंगाले तो कई मौकों पर उन्होंने बीजेपी की आलोचना करने से भी कोई गुरेज नहीं किया, लेकिन क्या आपको पता है कि उन्होंने बीते रविवार को एक ट्वीट किया।
उनके ट्वीट से सियासी गलियारों में चर्चागोशियों का बाजार गुलजार हो गया और बाजारों का गुलजार होना लाजिमी भी था, क्योंकि उन्होंने पीएम मोदी के नाम तारीफों के कसीदे जो पढ़े थे। इतना ही नहीं, बात अगर पीएम मोदी के नाम तारीफों के कसीदे पढ़ने तक की ही होती, तो शायद हम आपको इसे आपके समक्ष खबर के रूप में पेश नहीं कर रहे होते। उन्होंने तो अपने ही बिरादरी के खिलाफ मोर्चा खोलने से गुरेज नहीं किया। बता दें कि उन्होंने विपक्षी दलों को भी जमकर न महज खरी खोटी सुनाई बल्कि उन्हें आईना तक दिखा दिया। उन्हें आज खुलकर यह बता ही दिया कि अगर पीएम मोदी विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिया नेता हैं, तो आखिर इसके पीछे की वजह क्या है। चलिए, अब हम आपको आगे सब कुछ तफसील से बताते हैं।
दरअसल, उन्होंने ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने पीएम मोदी के नाम तारीफों के कसीदे पढ़ते हुए कहा था कि, ‘अगर नरेंद्र मोदी लोगों का जनाधार जीतते हैं और उन्हें दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में भी दिखाया जाता है, तो उनमें कुछ गुण या अच्छे काम होंगे जो उन्होंने किए होंगे जो विपक्षी नेताओं को नहीं मिल रहे हैं’। तो अगर आपने इस ट्वीट को पढ़ लिया हो तो आपको पता लग ही गया होगा कि उन्होंने अपने ट्वीट में जहां पीएम मोदी के नाम तारीफों के सैलाब बहा दिए, तो वहीं विपक्षी दलों के खिलाफ भी मोर्चा खोलने से गुरेज नहीं किया।
आपको बता दें कि उन्होंने यह ट्वीट ऐसे समय में किया है, जब ईडी द्वारा उद्धव ठाकरे के साले के यहां हाल ही में छापेमारी हुई है। बीते दिनों नवाब मलिक को धन शोधन मालमे में भी गिरफ्तार किया गया था। इन सभी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए ही उद्धव सरकार की तरफ से कहा गया कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल प्रतिशोध लेने हेतु कर रही है। जिसे ध्यान में रखते हुए माजिद मेमन का ट्वीट खासा अहम माना जा रहा है। अब ऐसे में आपका बतौर पाठक इस पूरे मसले पर क्या कुछ कहना है। आप हमें कमेंट कर बताना बिल्कुल भी मत भूलिएगा।







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