नई दिल्ली। यह कहने में किसी को कोई गुरेज नहीं होना चाहिए कि केंद्र की मोदी सरकार ने कसम खा रखी है कि जब तक घाटी से आतंकवाद का नामो-निशान नहीं मिट जाता है, तब तक आतंकियों पर गाज गिरती रहेगी। उन्हें मुंहतोड़ जवाब मिलता रहेगा। उन्हें यह एहसास दिलाया जाता रहेगा कि तुम्हारी औकात कौड़ी भर की है और वैसे भी मोदी सरकार आतंकियों और उनके आकाओं को उनकी औकात में रखना भलीभांति जानती है। जिसकी बानगी हम उरी हमले लेकर पुलवामा हमले तक में देख चुके हैं। वहीं, अब पिछले कुछ दिनों से केंद्र सरकार की जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों की कड़ी निगाहें हैं। पहले जहां मसरत आलम से आतंकी संगठन मुस्लिम लीग पर प्रतिबंध लगाया गया, तो वहीं अब खबर है कि तहरीक ए हुर्रियत भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोप का शिकार हो चुका है। बता दें कि इस संगठन को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में प्रतिबंधित कर दिया गया है। आइए, आगे आपको इस संगठन के बारे में सबकुछ विस्तार से बताते हैं।
जानिए क्या है ‘तहरीक-ए-हुर्रियत’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस आतंकी संगठन के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि, ”’तहरीक-ए-हुर्रियत, जम्मू-कश्मीर (TeH) को यूएपीए के तहत एक ‘गैरकानूनी संघ’ घोषित किया गया है। यह संगठन जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने और इस्लामिक शासन स्थापित करने की निषिद्ध गतिविधियों में शामिल है। यह समूह जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए भारत विरोधी प्रचार फैला रहा है और आतंकवादी गतिविधियां जारी रख रहा है।
पीएम के तहत नरेंद्र मोदी आतंकवाद के खिलाफ जी की जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत, भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को तुरंत विफल कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले मुस्लिम लीग(जम्मू-कश्मीर )संगठन को भी केंद्र की मोदी सरकार द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था।












