‘जब से मैंने धर्मांतरण का मुद्दा उठाया, तभी से…’ विवादों में घिरे धीरेंद्र शास्त्री के इस खुलासे से हड़कंप
नई दिल्ली। आखिर कोई कैसे किसी की मन की बात जान सकता है? आखिर कोई कैसे किसी को उसकी दुश्वारियों से निजात दिला सकता है? आखिर कोई कैसे किसी को उसकी बीमारियों से चंगा कर सकता है? आखिर इतने बड़े चमत्कार कैसे हो सकते हैं? क्या यह ईश्वर की बहती अनुकंपा है या फिर अंधविश्वास? जी हां..अभी इन्हीं सब सवालों को लेकर सुर्खियों में छाए हुए हैं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री। धीरेंद्र शास्त्री पर अंधविश्वास निर्मूलन समिति ने भोलेभाले लोगों को अपने चमत्कार से भ्रमित करने का आरोप लगाया है। जबकि धीरेंद्र इन आरोपों को सिरे खारिज करते हैं। उधर, अब इस पूरे मसले को लेकर राजनीति भी जोर पकड़ रही है। बीजेपी के नेता धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में आ चुके हैं और सवाल कर रहे हैं कि आखिर सनातन धर्म को क्यों निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, अब धीरेंद्र ने यह करहकर राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है कि जब से उन्होंने धर्मांतरण और घर वापसी का मुद्दा उठाया है, तब से कुछ लोग उनके पीछे पड़ चुके हैं।
26 वर्षीय धीरेंद्र शास्त्री उस वक्त सुर्खियों में आ गए जब उनका एक वीडियो प्रकाश में आया जिसमें वो लोगों में से भूत-प्रेत निकालते हुए नजर आ रहे थे और लोगों के मन की बात भी बता दे रहे थे। देखने वालों के होश फाख्ता हो गए। अब किसी ने इसे आस्था बताया तो किसी ने अंधविश्वास। उधर, धीरेंद्र शास्त्री अंधविश्वास के आरोपों पर कहते हैं कि वे किसी भी प्रकार का अंधविश्वास नहीं फैला रहे हैं, बल्कि उनके ऊपर हनुमान जी की अनुकंपा है, जिसकी वजह से वे यह सबकुछ कर पाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने हनुमान जी कृपा को अंधविश्वास बताने वाले लोगों को जमकर लताड़ भी लगाई।
उधर, अंधविश्वास निर्मूलन समिति के दिए चैलेंज को धीरेंद्र शास्त्री ने स्वीकार कर लिया है। बता दें कि समिति ने शास्त्री को चुनौती दी है कि वो सार्वजनिक मंच पर चमत्कार करके दिखाए तो वो मानेंगे। हालांकि, बाबा ने इस चुनौती को स्वीकार कर लिया है। अब ऐसे में देखना होगा कि इसमें किसकी जीत होती है, तो किसको मात मिलती है, लेकिन अब इसी बीच बाबा ने अपना आखिरी वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि आखिर क्यों कुछ लोग उनके द्वारा किए जा रहे चमत्कार संदेह प्रकट कर इसे अंधविश्वास बता रहे हैं।
