नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज हरियाणा के करनाल में बीजेपी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च में शामिल हुए। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को निशाने पर लिया। शाह ने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस की लगातार हार से बौखलाए हुए हैं और इसी वजह से हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ रहे हैं। SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए गृह मंत्री बोले, घुसपैठियों के लिए जितनी छाती पीटनी है पीट लो, हम एक-एक घुसपैठियों को देश से बाहर निकालकर रहेंगे।
शाह ने कहा, लोकतंत्र में संसद चर्चा का सर्वोपरि स्थान है। राहुल गांधी संसद चलने नहीं देते, मुद्दों पर चर्चा नहीं करते। संसद में शोर-शराबा, बहिष्कार करने को उन्होंने कांग्रेस का कल्चर बना दिया है। संसद चलने नहीं देनी है और रोड पर भीड़ इकट्ठा करके अराजकता फैलानी है। राहुल गांधी जी, क्या समझते हो 80 साल पुराना हमारा लोकतंत्र आपके झांसे में आ जाएगा। मेरी बात याद रखना, हम तो सड़कों के ही लोग हैं, भारतीय जनता पार्टी आपको संसद में, विधानसभाओं में, गांवों में, खेत-खलिहान और सड़कों पर भी जवाब देगी। और अगर आप भीड़ ही इकट्ठा करनी है तो बीजेपी के कार्यकर्ता वहां पर भी आपको मुंह तोड़ जवाब देंगे।
अमित शाह ने सुनाया किस्सा
गृह मंत्री ने कहा कि कहा, जब हम बच्चे थे, तो कबड्डी खेला करते थे। सातवीं कक्षा की हमारी टीम हमेशा चैंपियन बनती थी। लगातार हारने के बाद, नौवीं कक्षा की टीम ने को लगा कि सातवीं कक्षा की टीम जो उनसे उम्र में छोटी थी, लगातार जीत रही है, जिससे उनका ईगो हर्ट हुआ। इसलिए, उन्होंने तय किया कि सबसे अच्छी रणनीति यह होगी कि रेफरी को ही ‘चीटर’ करार दे दिया जाए, इस तरह, उनकी जीत पक्की हो जाए। लगता है राहुल गांधी ने उन छात्रों की बात सुन ली होगी।
