आतंकवाद को लेकर विश्व समुदाय में भारत ने रखा अपना मजबूत पक्ष, कहा- दोहरा मापदंड न दिखाए देश
नई दिल्ली। बढ़ते आतंकवाद को लेकर भारत हमेशा से अपनी आवाज को बुलंद कहता आया हैं। वैश्विक स्तर पर भी भारत ने हमेशा आतंकवाद को जड़ से खत्म की बात की है और बाकी देशों से भी सहयोग मांगा है। अब एक बार फिर भारत ने बढ़ते आतंकवाद को लेकर विश्व समुदाय का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की राजदूत रुचिरा कंबोज ने सत्र में आतंकवाद को लेकर बात की है और दुनिया भर के देशों को चेताया है कि वो आतंकवाद को लेकर दोगलापन न दिखाए। दुनिया के लगभग सभी देशों में आतंकवाद तेजी से पैर पसार रहा है और इस पर लगाम लगाना बहुत जरूरी है।
भारत ने रखा अपना मजबूत पक्ष
दरअसल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सत्र का आयोजन हुआ था जिसका विषय था ‘आतंकी कृत्यों से अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा को खतरा’। इस मुद्दे पर बेबाकी से भारत ने अपनी राय रखी। भारत की राजदूत रुचिरा कंबोज ने सत्र में कहा- देशों को आतंकवाद को किसी तरफ की प्रेरणा पर आधारित बताने से बचना चाहिए, क्योंकि ये खतरनाक चीजों को बढ़ावा देने जैसा होगा। इस तरह आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले तत्वों को चीजें जायज लगेगी। अफ्रीका में फैले आतंकवाद आईएसआईएस पर बात करते हुए भारत ने कहा कि आईएसआईएस अब अफ्रीका में भी तेजी से बढ़ रहा है और पूरे विश्व के लिए खतरे का सूचक है। हमें आतंकवाद को अलग-अलग नजरों से देखना बंद करना हो।
आतंकवाद को खत्म करना जरूरी
भारत ने कहा कि हमारा ध्यान आतंकवाद को खत्म करने की दिशा में केंद्रित होना चाहिए। क्योंकि ये दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में फैल रहा है। आतंकवाद को रोकना बहुत जरूरी है जिसके लिए सभी देशों का सहयोग मिलना जरूरी है। कंबोज ने आगे कहा कि भारत का मत है कि आतंकवाद सभी के लिए खतरा है। घटना 9/11 का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर पहले ही आतंकवाद के मुद्दे पर कई सुझाव पेश कर चुके हैं।
