‘गोमूत्र एक्सपर्ट’ वाले बयान पर घिरीं प्रियंका गांधी, 215 वीसी और शिक्षाविदों ने ओपन लेटर लिखकर की आलोचना
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में चर्चा के दौरान बुधवार को आईआईटी मद्रास के डायरेक्टर वी. कामाकोटी को गोमूत्र एक्सपर्ट कह दिया था। अपनी इस टिप्पणी को लेकर प्रियंका गांधी देश के शिक्षाविदों के निशाने पर आ गई हैं। 215 वाइस चांसलरों, पूर्व वाइस चांसलरों और शिक्षाविदों ने प्रियंका गांधी के नाम एक ओपन लेटर जारी करते हुए उनके बयान की आलोचना की है। इस पत्र में शिक्षाविदों ने प्रोफेसर कामाकोटी के अनुभव और उनकी योग्यता को भी रेखांकित किया है।
पत्र में कहा गया है कि चाहे प्रियंका गांधी ने व्यंग्य के तौर पर या राजनीतिक बयानबाजी के रूप में यह टिप्पणी की हो मगर किसी विद्वान के विचारों के मूल पर ध्यान देने के बजाय उनको किसी लेबल से खारिज कर देना उस वैज्ञानिक सोच को कमजोर कर सकता है जिसे विकसित करना संविधान के अनुसार हर नागरिक का कर्तव्य है। पत्र में प्रियंका गांधी को यह बताया गया है कि भारत के सबसे प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों में से एक के प्रमुख प्रोफेसर कामाकोटी ने आईआईटी मद्रास से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में एमएस के अलावा पीएचडी की डिग्री हासिल की है। उन्होंने 150 से ज्यादा रिसर्च पेपर पब्लिश किए हैं और 50 से ज्यादा आरएंडडी प्रोजेक्ट्स में शामिल रहे हैं।
प्रोफेसर कामाकोटी को डीआरडीओ एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड, इंडियन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन टेक्नो विजनरी अवॉर्ड जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। भारत के पहले इंडस्ट्री-ग्रेड माइक्रोप्रोसेसर को बनाने में भी प्रोफेसर कामाकोटी की मुख्य भूमिका रही है। वो देश के बेहतरीन टेक्निकल एक्सपर्ट में से एक हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में जिस 6 सदस्यीय हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है उसमें आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी भी शामिल हैं और इसीलिए प्रियंका ने उनकी आलोचना की।
