दिल्ली लाल किला ब्लास्ट चार्जशीट में कई अहम खुलासे, TATP की पुष्टि, विस्फोटक लदे बम के तौर पर कार का इस्तेमाल
नई दिल्ली। पिछले साल नवंबर 2025 में दिल्ली में लाल किले के पास हुए ब्लास्ट मामले में एनआईए की चार्जशीट में कई अहम खुलासे हुए हैं। चार्जशीट के मुताबिक वो एक आत्मघाती ब्लास्ट था और जिस i20 कार में धमाका हुआ था उसको विस्फोटक से लदे बम के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। आरोपी डॉक्टर उमर नबी कार में मौजूद था और वो ही इस हमले का मास्टरमाइंड था। चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि ब्लास्ट वाली कार के पास से मिला कमांड मैकेनिज्म इस बात का सबूत है कि IED को नियंत्रित तरीके से सक्रिय किया गया था। इस चार्जशीट में 13 आरोपियों के नाम हैं।
चार्जशीट के मुताबिक आरोपी डॉक्टर शाहीन सईद की पेन ड्राइव से 87 फोटो मिले हैं। इनमें डॉक्टर मुजम्मिल शकील और शाहीन की AK-47, पिस्टल और मैगजीन के साथ फोटो है। यह सभी आरोपी अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) और AQIS से जुड़े हुए थे। दो अलग-अलग फॉरेंसिक लैब की जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि ब्लास्ट में जो विस्फोटक इस्तेमाल किया गया वो TATP है। TATP को ‘Mother of Satan’ के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा जांच में अमोनियम नाइट्रेट की मौजूदगी भी मिली है। संभव है कि TATP की विस्फोटक क्षमता को बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया हो।
आईईडी को दूर से ऑपरेट करने के लिए रिमोट-कंट्रोल मैकेनिज्म का भी इस्तेमाल किया गया। आरोपियों के कब्जे से एसीटोन, हाइड्रोजन पेरोक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक एसिड भी बरामद हुए थे। एनआईए ने अपनी चार्जशीट में ‘Lone Mujahid Pocket Book/How to Become an Assassin’ नाम की एक किताब का भी जिक्र किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह AQAP से जुड़ा मैनुअल है और इसमें विस्फोटक, हथियार तथा गुप्त ऑपरेशन से संबंधित दिशा-निर्देश दिए गए हैं। आरोपी कथित तौर पर इस किताब में दी गई जानकारी का इस्तेमाल कर रहे थे।
