केरल

कोच्चि मर्सिडीज हिट एंड रन मामले में नाबालिग आरोपी की जमानत रद्द करने से कोर्ट का इनकार

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नई दिल्ली। कोच्चि मर्सिडीज हिट एंड रन मामले के नाबालिग आरोपी को मिली जमानत रद्द करने से केरल की एक अदालत ने आज इनकार कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एर्नाकुलम) कविता गंगाधरन ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (एर्नाकुलम) के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य और पीड़ित परिवार की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इससे पहले कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले की सुनवाई कोर्ट ने बंद कमरे में ऑन कैमरा की।

यह घटना 25 अक्टूबर को चेरानल्लूर के पास हुई थी। 17 साल के नाबालिग लड़के ने रात करीब 2 बजे अपनी तेज रफ्तार मर्सिडीज कार से स्कूटी चालक 55 वर्षीय जयबालकृष्णन को टक्कर मार दी। इस एक्सीडेंट में स्कूटी चालक की मौत हो गई थी। इस मामले में BNS की धारा 106 के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने एफआईआर में धारा 105 BNS को शामिल किया और नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया, जिसने उसे जमानत पर रिहा कर दिया। आदेश को चुनौती देते हुए, राज्य और पीड़ित के परिवार वालों ने अलग-अलग अपीलें दायर कीं। वहीं इस केस में पुलिस ने नाबालिग के पिता, जो कार के मालिक भी हैं और वर्तमान में जज हैं, उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया। हालांकि केरल हाई कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा रखी है।

इस केस की पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल किया था कि साइबर पुलिस ने उन सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की, जिन्होंने ‘जुवेनाइल जस्टिस एक्ट’ का उल्लंघन करते हुए कानून के दायरे में आए नाबालिग की पहचान उजागर कर दी थी। इसके बाद अदालत ने साइबर पुलिस को आदेश दिया कि वे ऐसी पोस्ट और अकाउंट्स के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपें। अदालत ने जांच अधिकारी को केस डायरी के साथ कोर्ट में पेश होने का आदेश भी दिया था। इससे पहले इस मामले में कोच्चि के पुलिस कमिश्नर कालीराज महेश कुमार को हटाकर आर. निशांतिनी को नया कमिश्नर नियुक्त किया गया था।

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