नमाज मुद्दे पर ओवैसी ने किया महिला पर एफआईआर का दावा, यूपी पुलिस ने खोल दी उनकी गलतबयानी की पोल
प्रयागराज। यूपी के प्रयागराज के बेली अस्पताल में एक महिला ने वार्ड में नमाज पढ़ी। इसका वीडियो वायरल हुआ। एक न्यूज चैनल ने वीडियो को सोशल मीडिया पर डाला। इस वीडियो के बारे में न्यूज चैनल ने दावा किया कि महिला पर एफआईआर हो गई है। इसकी पड़ताल तो असदुद्दीन ओवैसी ने नहीं की, उल्टे चैनल के ट्वीट को री-ट्वीट कर ये लिख दिया कि नमाज के मामलों में एफआईआर दर्ज किया जाना गलत है। प्रयागराज पुलिस ने ओवैसी के दावे का खंडन कर बयान जारी किया कि कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। पुलिस के खंडन करते ही ओवैसी ने अब इस मामले में चुप्पी साध ली है।
बता दें कि एआईएमआईएम AIMIM के चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर हमेशा हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करने का आरोप लगता है। अस्पताल में महिला के नमाज अदा करने के बारे में भी आव देखा न ताव वाली कहावत की राह चलते हुए ओवैसी ने री-ट्वीट किया था। अपने री-ट्वीट में ओवैसी ने लिखा, ‘अस्पताल में भर्ती, अपने रिश्तेदार की देख-भाल करने वाले किसी कोने में, किसी को तकलीफ़ दिए बगैर,अपने मजहब के मुताबिक इबादत करते हैं तो इस में जुर्म क्या है? क्या UP पुलिस के पास कोई और काम नहीं है? जहां भी नमाज पढ़ी जाती है, वहां नमाजियों पर FIR दर्ज हो जाती है।’
ओवैसी के इस ट्वीट पर प्रयागराज पुलिस ने बयान जारी किया। पुलिस ने बताया कि महिला पर कोई एफआईआर नहीं की गई है। महिला की रिश्तेदार अस्पताल में है। महिला ने उस रिश्तेदार की सलामती के लिए एक किनारे नमाज पढ़ी थी। इससे अस्पताल के काम या मरीजों को कोई दिक्कत नहीं हुई। पुलिस ने बताया कि महिला के नमाज पढ़ने का मामला अपराध की श्रेणी में नहीं आता। पुलिस ने ये भी लिखा कि कुछ लोग गलत जानकारी के साथ मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं।
