ईरान ने अमेरिका से बातचीत के लिए रख दी नई शर्त, विटकॉफ और कुशनर को ट्रंप ने भेजा है पाकिस्तान
इस्लामाबाद। ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की बातचीत लटक गई है। ईरान ने अमेरिका से बातचीत के लिए नई शर्त रख दी है। ईरान ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी खत्म होने के बाद ही अमेरिका से बातचीत हो सकती है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर एक और विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज बुश को फारस की खाड़ी में भेजा गया है। इससे ईरान और अमेरिका का तनाव और बढ़ गया है।
ईरान का प्रतिनिधिमंडल विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के नेतृत्व में पाकिस्तान पहुंचा है। अराघची और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की है। पाकिस्तान लगा हुआ है कि किसी तरह ईरान और अमेरिका में समझौता कराकर वो श्रेय हासिल करे, लेकिन अब तक उसे नाकामी हाथ लगी है। इस बीच, खबर है कि ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर पाकिस्तान के लिए उड़ान भर चुके हैं, लेकिन ईरान के अड़ियल रुख से उनके साथ बातचीत पर ग्रहण लगा हुआ है।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट की अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में इस अहम समुद्री मार्ग को जहाजों के लिए बंद कर दिया है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज स्थित ईरान के बंदरगाहों पर किसी जहाज को आने-जाने नहीं दिया जाएगा। नतीजे में जहां अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाह से आ रहे तीन जहाजों को जब्त किया है। वहीं, ईरान की आईआरजीसी ने भी अमेरिकी झंडे वाले जहाज को कब्जे में लिया है। होर्मुज के रास्ते दुनिया के कुल कच्चे तेल का 20 फीसदी कारोबार होता है। इसके अलावा होर्मुज से होकर एलपीजी और एलएनजी का आयात भी देश करते हैं। होर्मुज के मसले पर ईरान और अमेरिका के अड़े रहने के कारण दुनिया के तमाम देशों में ऊर्जा सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है। भारत के पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमत कई गुना बढ़ गई है। अगर ये संकट न टला, तो आने वाले वक्त में हालात और विषम हो सकते हैं।
