बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में हासिल किया विश्वास मत, नीतीश कुमार की जमकर प्रशंसा की
नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया है। ध्वनि मत के आधार पर सरकार ने आसानी से फ्लोर टेस्ट पास कर लिया। बहुमत के लिए 122 वोटों की जरूरत थी और एनडीए के पास पहले से ही 201 विधायकों का समर्थन है। विपक्ष की ओर से वोटिंग की मांग नहीं रखी गई इसलिए सरकार ने ध्वनिमत से विश्वास मत हासिल किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विश्वास मत हासिल करने के बाद कहा कि बिहार में पिछले 20 सालों से एनडीए की सरकार है और नीतीश कुमार ने राज्य में सुशासन स्थापित करने का काम किया है। नई सरकार नीतीश कुमार के ही रास्ते पर चलेगी।
सदन में अपनी रखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर पलटवार किया। सीएम ने कहा, कुछ लोगों को लगता है कि हमारा पाठशाला, यही बपौती से बाहर निकलिए, किसी की बपौती नहीं है ये सत्ता, यह जो मुख्यमंत्री का पद है यह 14 करोड़ बिहारियों का आशीर्वाद है इसलिए आज मैं यहां बैठा हूं। सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू यादव ने मुझे जेल में डाला और मेरे परिवार के 22 सदस्यों को जबरदस्ती जेल में भेजा। इस सदन में कई बार मैंने कहा कि अगर नीतीश कुमार नहीं होते, तो क्या लालू यादव मुख्यमंत्री होते? लालू यादव को भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही बनाया था और कोई किसी के पाठशाला से नहीं होता है।
सम्राट बोले, मैं तो कह रहा हूं कि मेरी राजनीति में अगर लालू यादव जी का अत्याचार नहीं होता तो मैं बिहार का मुख्यमंत्री नहीं बन पाता, नहीं तो जेल नहीं जाता और राजनीति में भी नहीं आता इसलिए कोई गलतफहमी में मत रहिए। सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार को न तो कोई राजनीति से हटा सकता है और न दिल से। दरअसल तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए तंज कसा था कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को फिनिश कर दिया।
