नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद श्रवण कुमार चुने गए जेडीयू विधायक दल के नेता
नई दिल्ली। नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री रह चुके श्रवण कुमार को जेडीयू विधायक दल का नया नेता चुना गया है। नीतीश कुमार ने खुद श्रवण कुमार के नाम की घोषणा की। नीतीश कुमार ने इस्तीफे के बाद विधायक दल के नेता की जगह खाली थी। अभी 18 अप्रैल को ही बिहार के गृह मंत्रालय की ओर से श्रवण कुमार को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की गई है। इसके बाद से ही यह कयास लगाया जाने लगा था कि श्रवण कुमार को कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। अब ऐसा माना जा रहा है कि सम्राट चौधरी की सरकार में श्रवण कुमार को कोई ठीक ठाक मंत्रालय मिल सकता है।
नीतीश कुमार के पटना स्थित सरकारी आवास पर जेडीयू विधायकों और विधान मंडल सदस्यों की बैठक हई जिसमें विधानमंडल दल के नेता और उपनेता के नाम पर चर्चा की गई। श्रवण कुमार का नाम नीतीश कुमार के बेहद करीबी और विश्वासपात्र लोगों में आता है। श्रवण कुमार नीतीश कुमार के ही गृह जिले नालंदा से आते हैं और वो भी कुर्मी समाज के ही हैं। माना जा रहा है कि अपने कुर्मी वोटबैंक को साधे रखने के लिए नीतीश कुमार ने श्रवण कुमार को विधान मंडल का नेता बनाया है। नीतीश कुमार जब समता पार्टी में थे तब से ही श्रवण कुमार उनके साथी हैं।
श्रवण कुमार साल 1995 से लगातार नालंदा विधानसभा सीट से चुनाव जीत रहे हैं। नीतीश कुमार जब 2005 में बिहार के मुख्यमंत्री बने उसके बाद से श्रवण कुमार जेडीयू के मुख्य सचेतक बने रहे। जब नीतीश कुमार ने इस्तीफा देकर जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था तब श्रवण कुमार को सरकार में शामिल नहीं किया गया था, इससे वो नाराज हो गए थे हालांकि बाद में जब मांझी सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार हुआ तब श्रवण कुमार को मंत्री बनाया गया और उन्हें ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य विभाग दिया गया।
