घुसपैठियों को वापस भेजने की कानून के अनुसार चल रही है प्रक्रिया, भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिया अपडेट
नई दिल्ली। घुसपैठियों को वापस उनके देश भेजे जाने की दिशा में केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत है। देश के अलग-अलग राज्यों में छिप कर रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए प्रशासन के द्वारा अभियान भी चलाया जा रहा है। इस संबंध में भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी अपडेट दिया है। बांग्लादेशी प्रवासियों को लेकर पूछे गए सवाल के बारे में एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, जिनमें बांग्लादेश के नागरिक भी शामिल हैं, उनके खिलाफ कानून के आधार पर ही उचित कार्रवाई की जा रही है।
जायसवाल ने कहा, जहां तक घुसपैठियों के निर्वासन का सवाल है, इसके लिए एक द्विपक्षीय व्यवस्था मौजूद है। हम ऐसे मामलों को बांग्लादेश के अधिकारियों के समक्ष भेजते हैं ताकि वे इन लोगों की राष्ट्रीयता की पुष्टि कर सकें। एक बार उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि हो जाने पर, हम निर्वासन प्रक्रिया शुरू करते हैं। इनमें से कई अनुरोध वर्तमान में बांग्लादेश के पास लंबित हैं, और हम आशा करते हैं कि उन पर शीघ्रता से कार्रवाई की जाएगी ताकि भारत में अवैध रूप से रह रहे व्यक्तियों का निर्वासन सुचारू और कुशल तरीके से किया जा सके। गौरतलब है कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से घुसपैठ के जरिए पश्चिम बंगाल और अन्य सीमावर्ती प्रदेशों की सीमा से भारत में प्रवेश कर देशभर में फैल गए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कई बार घुसपैठियों को वापस भेजने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते रहते हैं। अभी हाल ही में गृह मंत्री ने कहा था कि जो घुसपैठिए अपनी मर्जी से वापस जाएंगे सरकार उनके खिलाफ कोई केस नहीं करेगी और उनको वापस उनके देश जाने में सहायता करेगी। दो दिन पहले ही गुजरात के अहमदाबाद से कुल 131 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया है जो बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में रहे रहे हैं। इसके अलावा 160 अन्य संदिग्धों के कागजों की पड़ताल की जा रही है।
