पाकिस्तानी अफसर ने की करतारपुर साहिब गुरुद्वारा में बेअदबी!, शराब और मांस पार्टी करने का आरोप
नई दिल्ली। पाकिस्तान के करतारपुर साहिब गुरुद्वारा में बेअदबी की खबर है। जानकारी के मुताबिक बीती 18 अक्टूबर को करतारपुर साहिब गुरुद्वारा में पाकिस्तान के अफसरों ने शराब और नॉनवेज की पार्टी की। बीजेपी के नेता और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष रहे मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक्स पर जारी पोस्ट में ये आरोप लगाया है। मनजिंदर सिंह सिरसा के मुताबिक पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुद्वारा प्रशासन ने इस पार्टी को मंजूरी दी थी। करतारपुर साहिब कॉरिडोर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के सीईओ सैयद अबु बकर कुरैशी पर गुरुद्वारा परिसर में बेअदबी कराने का ये आरोप लगा है। इस मामले के तूल पकड़ने के आसार हैं।
करतारपुर साहिब गुरुद्वारा को सिखों के पवित्रतम स्थानों में गिना जाता है। भारत और विदेश से तमाम सिख श्रद्धालु करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के दर्शन के लिए जाते हैं। ये स्थान सिखों के पहले गुरु नानक देव जी से संबंधित है। यही वो जगह है, जहां गुरु नानक देव जी ने 22 सितंबर 1539 को अपना देह छोड़ा था। उधर, ये जानकारी भी मिली है कि गुरुद्वारा के प्रमुख ग्रंथी गोबिंद सिंह भी पार्टी में शामिल हुए थे। वहीं, अबु बकर कुरैशी का दावा है कि पार्टी को करतारपुर साहिब गुरुद्वारा परिसर से बाहर किया गया। जबकि, जानकारी ये है कि मुख्य गुरुद्वारा से महज 20 फिट दूर ये नॉनवेज और शराब की पार्टी हुई थी।
करतारपुर साहिब गुरुद्वारा तक कॉरिडोर बनाने का काम भारत और पाकिस्तान ने किया है। यहां भारत से किसी भी व्यक्ति को महज पासपोर्ट लेकर जाने की ही मंजूरी है। भारत से गया कोई भी श्रद्धालु करतारपुर साहिब के दर्शन कर उसी दिन वापस आ सकता है। इस कॉरिडोर के बनने के बाद से भारत से हर रोज सैकड़ों लोग करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के दर्शन करने जाते हैं। ऐसे में यहां शराब और नॉनवेज की पार्टी किए जाने से उनकी भावनाओं को निश्चित तौर पर जबरदस्त ठेस लगी होगी। इस मामले में माना जा रहा है कि भारत की तरफ से पाकिस्तान सरकार से जवाब भी मांगा जा सकता है।
लाहौर से 120 किलोमीटर दूर करतारपुर साहिब गुरुद्वारा स्थित है। पटियाला के महाराज रहे सरदार भूपिंदर सिंह ने 135600 रुपए की लागत से करतारपुर साहिब गुरुद्वारा को बनवाया था। पाकिस्तान सरकार ने बाद में साल 1995 में करतारपुर साहिब गुरुद्वारा की मरम्मत कराई थी। यहां भारत से आने वाले श्रद्धालुओं से पाकिस्तान प्रति व्यक्ति 20 डॉलर लेता है। पाकिस्तान पहले भी करतारपुर साहिब गुरुद्वारा पहुंचने वाले सिख श्रद्धालुओं के मन में भारत विरोधी जहर भरने की कोशिश करता रहा है, लेकिन इसमें उसे कभी सफलता नहीं मिल सकी है। ताजा बेअदबी की घटना से साफ हो जाता है कि किस तरह पाकिस्तान के अफसर और हुक्मरान हिंदुओं और सिखों से घृणा करते हैं। पाकिस्तान में वैसे भी आए दिन सिखों और हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें आती ही रहती हैं।
