May 15, 2026

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बसपा विधायक राजू पाल के मर्डर केस में लखनऊ की CBI कोर्ट ने 6 दोषियों को दी आजीवन कारावास की सजा, एक को 4 साल की कैद

नई दिल्ली।  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक राजू पाल हत्याकांड मामले में आज शुक्रवार को अहम फैसला सुनाया गया है। लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने राजू पाल हत्याकांड में सभी सात आरोपियों को दोषी पाया है. गौरतलब है कि राजू पाल की 2005 में हत्या कर दी गई थी। अदालत ने सभी सात जीवित आरोपियों – आबिद, फरहान, जावेद, अब्दुल कवि, गुल हसन, इसरार और रंजीत पाल को दोषी पाया है। कोर्ट जल्द ही सजा का ऐलान करेगी। हत्या का आरोप माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद पर लगा था।

2005 में हुई थी राजू पाल की हत्या

2005 में बसपा विधायक राजू पाल पर गोलियों की बौछार कर दी गई, जिससे उनकी हत्या हो गई। माफिया अतीक अहमद और राजू पाल के बीच सत्ता संघर्ष छिड़ गया था, जिसके कारण आरोप लगे कि अतीक अहमद ने राजू पाल को गोली मार दी थी। दरअसल, राजू पाल ने अतीक अहमद को उपचुनाव में हरा दिया था, जिसे अतीक अहमद बर्दाश्त नहीं कर सके, जिसके चलते 25 जनवरी 2005 को उनकी हत्या कर दी गई। जब राजू पाल घर लौट रहे थे, तभी कुछ लोग कार से आए और राजू पाल की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। . गौरतलब है कि राजू पाल को 19 गोलियां लगी थीं.

इस मामले में अतीक अहमद और अशरफ को जेल हुई थी

बसपा विधायक राजू पाल की हत्या का आरोप माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ पर लगा था. इस मामले में दोनों भाइयों को जेल जाना पड़ा था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इस मामले में आगे की जांच की थी. पिछले साल प्रयागराज में राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की भी दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी. गौरतलब है कि अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद की पिछले साल प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.