बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा के 2,200 मामलों पर भारत ने जताई चिंता, लोकसभा में भी दिया गया जवाब
नई दिल्ली। बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मामलों को लेकर भारत सरकार ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। विदेश राज्य मंत्री किरीटि वर्धन सिंह ने लोकसभा में एक अप्रश्नित प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8 दिसंबर 2024 तक बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के कुल 2,200 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि अक्टूबर 2024 तक 112 मामले सामने आए।
केंद्र सरकार ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है और इस मामले में बांग्लादेश सरकार के समक्ष अपनी चिंता व्यक्त की है। सिंह ने बताया कि भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश सरकार हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
सिंह ने यह भी कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान को छोड़कर अन्य पड़ोसी देशों में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के एक भी मामले सामने नहीं आए हैं।
सरकार ने बांग्लादेश सरकार से जताई उम्मीद
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह इन घटनाओं को लेकर बांग्लादेश सरकार के साथ लगातार संपर्क में है। सिंह ने संसद को बताया कि भारत ने बांग्लादेश से यह अपेक्षा की है कि वह अपने देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा चिंताजनक
पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इसमें मंदिरों पर हमले, संपत्तियों का विनाश और शारीरिक हिंसा शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत सरकार का यह रुख हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि बांग्लादेश सरकार इन घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई करेगी।
